Big Breaking News: रोहतास जिले के बिक्रमगंज में सोमवार को निगरानी की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है. यहां एसडीएम प्रभात कुमार के चपरासी विनोद कुमार को 1 लाख 60 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया है.
जानकारी के मुताबिक विनोद कुमार को निगरानी की टीम ने एसडीएम कार्यालय से ही धर दबोचा. बताया जाता है कि बिक्रमगंज निवासी राकेश कुमार से भूमि निराकरण कांड का निष्पादन करने के नाम पर यह रिश्वत मांगी जा रही थी.
राकेश की शिकायत के बाद निगरानी की टीम कई दिनों से चपरासी की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी. सोमवार को एसडीएम कार्यालय में जैसे ही राकेश कुमार से 1 लाख 60 हजार रुपए की रिश्वत ली गई, टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया.
निगरानी डीएसपी नरेंद्र कुमार ने बताया कि यह रिश्वत भूमि विवाद मामले को निपटाने के लिए ली जा रही थी. पकड़े गए विनोद कुमार ने पूछताछ में निगरानी को बताया कि इस घूस के पैसे में वरीय अधिकारियों का भी हिस्सा है. फिलहाल निगरानी की टीम इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है.
बिहार में घूसखोरी हो गई है आम
बताते चलें कि बिहार में घूसखोरी आम बात हो गई है. हर सरकारी दफ्तर में चपरासी से लेकर बड़े बाबु तक घूसखोरी में शामिल रहते है. बीते सालों में जब बिहार में विजलेंस टीम ने कार्रवाई की थी तब कई सरकारी अधिकारीयों के घर से करोड़ो की शक्ल में घूस का पैसा बरामद हुआ था. इसके साथ ही बिहार में आए दिन भ्रष्टाचार के मामले सामने आते रहते है. बिहार की जनता को सिर्फ जमीन विवाद ही नहीं बल्कि आम दस्तावेज भी बनाने के लिए रिश्वत देना पड़ता है. बिहार में भ्रष्टाचार इस कदर फैल गया है जैसे चीनी में चीटियां लग जाती है.
आंदोलन की धरती रही बिहार की जनता के साथ नाइंसाफी
आंदोलन की धरती बिहार की जनता भ्रष्टाचार से ही नहीं, बेरोजगारी और इन दिनों बाढ़ से भी परेशान है. लेकिन मेनस्ट्रीम मिडिया सिर्फ टीवी पर चुनाव की बात कर रही है. इसके साथ ही टीवी डिबेट में जाति के नाम पर बहस हो रही है कि किस जाति के लोग किस पार्टी के वोट बैंक है. 12 करोड़ बिहारियों की चिंता सत्ताधारियों को बिल्कुल भी नहीं है, वे बिहार की जनता को सिर्फ वोट देने की मशीन समझते है.