Jamshedpur: गोविंदपुर जलापूर्ति योजना को लेकर पिछले एक हफ्ते से चल रहा विवाद सोमवार को त्रिपक्षीय वार्ता के बाद समाप्त हो गया. संवेदक ने भुगतान नहीं मिलने के कारण जलापूर्ति बंद कर दी थी, जिससे लाखों लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे थे. इस बीच वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी सामने आए और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था.
उपायुक्त के निर्देश पर जलापूर्ति बहाल
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने सोमवार को संवेदक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की. जिसके बाद उन्होंने संवेदक को तत्काल जलापूर्ति शुरू करने का निर्देश दिया और भुगतान से संबंधित समस्याओं को शीघ्र दुरुस्त करने का आश्वासन दिया.
संवेदक ने एक हफ्ते की मोहलत देते हुए जलापूर्ति बहाल करने पर सहमति जताई है. जिला प्रशासन के इस कदम से स्थानीय जनप्रतिनिधियों और लोगों ने राहत की सांस ली है. हालांकि खतरा अभी भी टला नहीं है और अब देखने वाली बात होगी कि एक हफ्ते बाद स्थिति क्या रहती है. वही बरसात के कारण जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की स्थिति के सवाल पर उपायुक्त ने कहा कि संबंधित विभागों के स्टेट होल्डर एवं विभागीय अधिकारियों को डाटा तैयार कर जल्द से जल्द क्षतिग्रस्त हुए सड़कों के मरम्मत का निर्देश दिया गया है. उन्होंने भरोसा जताया कि दुर्गा पूजा से पूर्व सभी क्षतिग्रस्त सड़के दुरुस्त हो जाएंगे.
आम जनता से अपील
जल आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधा रुकने से लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है, इसलिए इस व्यवस्था की पारदर्शिता और निरंतरता बेहद जरूरी है। प्रशासन, संवेदक और जनप्रतिनिधियों को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आर्थिक या तकनीकी कारणों से भविष्य में ऐसी स्थिति न बने। नागरिकों को भी जागरूक रहकर पानी के संरक्षण और उसके प्रति सही से उपयोग की आदत डालनी चाहिए, ताकि समाज में जल संकट जैसी समस्या गहराई न पकड़ सके।