विवाद से हिंसा तक
मिली जानकारी के अनुसार, घटना 11 सितंबर की रात करीब साढ़े 9 बजे की है। श्यामसुंदरपुर के विरभांगा गांव निवासी लखन मुर्मू के घर उसी गांव के पड़ोसी चैतन मुर्मू और सुकुल मुर्मू पहुंचे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर लखन और दोनों आरोपियों के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि चैतन और सुकुल ने लाठी और बांस से लखन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
इलाज के दौरान मौत
हमले के बाद गंभीर रूप से घायल लखन मुर्मू को आनन फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा था। लेकिन दो दिनों तक जीवन और मृत्यु से जूझने के बाद 13 सितंबर की शाम करीब 7.30 बजे उसने दम तोड़ दिया। लखन की मौत की खबर मिलते ही गांव में शोक और गुस्से की लहर दौड़ गई।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई और कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों, चैतन मुर्मू और सुकुल मुर्मू को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही घटना में प्रयुक्त बांस और डंडा भी पुलिस ने बरामद कर लिया है। फिलहाल दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है।
पत्नी का बयान और मुकदमा दर्ज
मृतक लखन की पत्नी चंपो मुर्मू ने इस संबंध में पुलिस को बयान दिया है। उनके बयान के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
गांव में आक्रोश
घटना के बाद गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि आपसी विवाद को इस हद तक ले जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि छोटे छोटे विवाद किस तरह बड़ी और दुखद घटनाओं में बदल सकते हैं। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
स्थानीय लोग अब न्याय की मांग कर रहे हैं और प्रशासन से दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की अपील कर रहे हैं। इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है, जहां एक पल की गरमा गरमी ने एक परिवार की खुशियाँ छीन लीं। यह मामला समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि गुस्से और अहंकार में लिया गया गलत कदम न सिर्फ जीवन बर्बाद करता है, बल्कि पूरे समुदाय को दर्द और आक्रोश से भर देता है।