Seraikela News: सरायकेला-खरसावां के भुईयांनाचना गांव में मनसा पूजा के मौके पर पारंपरिक छऊ नृत्य का आयोजन हुआ. मानभूम शैली के इस कार्यक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे. देर रात तक चले कार्यक्रम में कलाकारों ने अपने नृत्य और संगीत से लोगों का मनोरंजन किया. ग्रामीणों ने पारंपरिक छऊ की प्रस्तुति का जमकर आनंद लिया.
प्रो. कालीपद सोरेन ने किया उद्घाटन
कार्यक्रम में झामुमो नेता और शिक्षाविद प्रो. कालीपद सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. गांव के मकरध्वज महतो ने पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र देकर उनका स्वागत किया. इसके बाद प्रो. सोरेन ने फीता काटकर छऊ नृत्य कार्यक्रम की शुरुआत की.
पुरुलिया और पटमदा से पहुंचे कलाकार
छऊ नृत्य की प्रस्तुति के लिए पश्चिम बंगाल के पुरुलिया और पटमदा क्षेत्र से कलाकार पहुंचे थे. पारंपरिक वेशभूषा और संगीत के साथ कलाकारों ने मानभूम शैली की लोक संस्कृति को मंच पर उतारा. उनकी प्रस्तुति ने देर रात तक दर्शकों को बांधे रखा.
गांव से अपने पुराने जुड़ाव को किया याद
कार्यक्रम के दौरान प्रो. कालीपद सोरेन ने भुईयांनाचना से अपने पुराने जुड़ाव का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि वह करीब वर्ष 2008 में पहली बार गांव पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि उस समय गांव की सड़क और आवागमन की स्थिति काफी खराब थी. ग्रामीणों और युवाओं की सक्रियता के कारण अब गांव में धीरे-धीरे विकास की गति बढ़ी है. उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि किसी भी जरूरत या समस्या में वे उनसे संपर्क कर सकते हैं. उन्होंने सुख-दुख में ग्रामीणों के साथ खड़े रहने और जरूरत के अनुसार सहयोग का भरोसा भी दिया.
आयोजन में ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में मकरध्वज महतो, दिनेश महतो, छोटू लाल महतो, धीरेन महतो, पबीर महतो, बिट्टू महतो, गगन महतो, हेमंत महतो, विकास महतो और संतोष महतो समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और आयोजन समिति के सदस्य मौजूद रहे.