Jhumri Telaiya Water Tower Collapse: झुमरी तिलैया में जलमीनार गिरने के मामले में Monitoring Agency पर कार्रवाई को लेकर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने अपना फैसला बदल दिया है. पहले एजेंसी M/S Ma RS Planning & Engineering को Debar करने की तैयारी थी, लेकिन अब उसके काम की राशि से 10% कटौती करने का निर्णय लिया जा रहा है.
निर्माण की Quality जांचना था एजेंसी का काम
M/S Ma RS Planning & Engineering को विभाग की योजनाओं की Monitoring की जिम्मेदारी दी गई थी. एजेंसी का मुख्य काम निर्माण के दौरान काम की Quality की निगरानी करना था. इसी दौरान कोडरमा-डोमचांच-जयनगर बहु ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत नीमडीह गांव में बन रहा जलमीनार गिर गया. खास बात यह है कि एजेंसी को निर्माण की निगरानी करनी थी.
24 जुलाई को Debar करने का हुआ था फैसला
जलमीनार गिरने के बाद 24 जुलाई 2026 को SWSM-Empanelment Committee की बैठक हुई थी. बैठक में एजेंसी को Debar करने का फैसला लिया गया था. बैठक में कहा गया था कि Monitoring Agency निर्माण की Quality पर नजर रखने के लिए जिम्मेदार है. ऐसे में एजेंसी को घटना की जिम्मेदारी से पूरी तरह अलग नहीं किया जा सकता.
WAPCOS मामले का दिया गया था उदाहरण
बैठक में यह भी तय किया गया था कि एजेंसी के खिलाफ वही प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जो WAPCOS Limited को Debar करने के मामले में अपनाई गई थी. WAPCOS Limited को मेदिनीनगर की गाड़ीखास-कजरी ग्रामीण जलापूर्ति योजना के वासु गांव में जलमीनार गिरने के मामले में Debar किया गया था.
Work Order खत्म होने के बाद बदला फैसला
बाद में Engineer-in-Chief ने एजेंसी को Debar करने के फैसले में बदलाव किया. विभाग की ओर से कहा गया कि M/S Ma RS Planning & Engineering को दिया गया Work Order अब समाप्त हो चुका है. ऐसे में एजेंसी को Debar करने के बजाय उसके काम की राशि में 10% की कटौती करने की तैयारी है. इस कटौती को दंड के तौर पर लागू किया जाएगा.