Jharkhand News: JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले में मंगलवार को जेल में बंद अभय तिवारी की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया. अभय तिवारी की ओर से अदालत में जमानत देने की मांग की गई. इससे पहले 3 सितंबर को हुई सुनवाई में CID ने अपना पक्ष रखा था.
CID का आरोप है कि अभय तिवारी ने परीक्षा में गड़बड़ी कर लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लिए. वह TDPL में मार्केटिंग मैनेजर के पद पर काम कर चुका है. जांच एजेंसी के मुताबिक, अभय ने अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर दूसरे अभ्यर्थियों से भी पैसे लिए थे.
CID केस में 20 से ज्यादा गिरफ्तारी
इस मामले में परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर CID ने कांड संख्या 16/2026 दर्ज किया है. जांच के दौरान JPSC के पूर्व चेयरमैन एल ख्यांग्ते को भी गिरफ्तार किया गया था. CID के अनुसार, अभय तिवारी ने पूछताछ में एल ख्यांग्ते की भूमिका से जुड़ी जानकारी दी है. उसने TDPL को परीक्षा कराने वाली एजेंसी चुने जाने में ख्यांग्ते की भूमिका होने की बात कही है.
जांच एजेंसी के मुताबिक, इस मामले में अब तक 20 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. अब अभय तिवारी की जमानत पर अदालत के फैसले का इंतजार है.