National News: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को विधानसभा में डीएमके और उसके नेताओं पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। पुलिस विभाग के लिए अनुदान की मांगों पर हुई बहस का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती डीएमके सरकार के कार्यकाल से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामलों का उल्लेख किया।
विजय ने अपने संबोधन में सरकारिया आयोग की रिपोर्ट, वीरनम पाइपलाइन परियोजना से जुड़े कथित मामलों और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से लगाए गए आरोपों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन मामलों से संबंधित कुछ दस्तावेज और रिकॉर्ड विधानसभा की लाइब्रेरी में उपलब्ध हैं।
सरकारिया आयोग और वीरनम परियोजना का किया जिक्र
मुख्यमंत्री विजय ने वर्ष 1977 की सरकारिया आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए पूर्ववर्ती सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कुछ ठेकों को लेकर कमीशन मांगे जाने और एक विशेष कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय के कथित दुरुपयोग से जुड़े आरोप सामने आए थे।
इसके अलावा उन्होंने वीरनम पाइपलाइन परियोजना में कथित अनियमितताओं का भी मुद्दा उठाया और डीएमके के शासनकाल में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सवाल खड़े किए।
ED के आरोपों का भी दिया हवाला
मुख्यमंत्री ने प्रवर्तन निदेशालय की ओर से लगाए गए आरोपों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि कुछ ठेकों में कथित तौर पर 7.5 से 10 प्रतिशत तक कमीशन लिए जाने के आरोप लगाए गए थे।
पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी से जुड़े मामले का जिक्र करते हुए विजय ने डीएमके नेतृत्व को भी निशाने पर लिया। उन्होंने एम.के. स्टालिन और उदयनिधि स्टालिन को लेकर राजनीतिक टिप्पणी करते हुए भ्रष्टाचार के आरोपों पर जवाब मांगा।
महिलाओं पर अपमानजनक टिप्पणी को लेकर भी बोले CM
विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय ने राजनीतिक बहस के दौरान महिलाओं के खिलाफ की जाने वाली कथित अपमानजनक टिप्पणियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद और आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन महिलाओं के प्रति अश्लील या अपमानजनक भाषा को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
विजय ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले किसी भी व्यक्ति को कानून के दायरे में कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने हाल के दिनों में अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर हुई कथित टिप्पणी का मुद्दा उठाते हुए भी अपनी बात रखी।