Sahibganj News: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान फर्जी दस्तावेज के इस्तेमाल का मामला सामने आया है. साहेबगंज के बरहरवा प्रखंड के आहुत गांव में जांच के दौरान चार अपात्र लोगों द्वारा कथित फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र के जरिए मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की कोशिश पकड़ी गई. मामले में चारों और एक CSC संचालक के खिलाफ FIR दर्ज की गई है.
शिकायत के बाद बरहरवा पहुंचे CEO
मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान कॉमन सर्विस सेंटर से जुड़ी गड़बड़ियों और बरहरवा अंचल कार्यालय से नियमों के विपरीत जाति प्रमाण पत्र जारी किए जाने की शिकायत मिली थी. इसके बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार चार दिवसीय संथाल परगना दौरे पर साहेबगंज पहुंचे.
उन्होंने बरहरवा में संदिग्ध मामलों की खुद स्थल जांच की और संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी से पूरे मामले की जानकारी ली.
चार लोगों के दस्तावेज संदिग्ध
जांच में आहुत गांव के चार लोगों को संदिग्ध सूची में शामिल किया गया था. अधिकारियों के मुताबिक रूबेदा बेवा, रबी शेख, पिंटू शेख और सेन्टु शेख ने कथित तौर पर फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए थे. जांच में यह भी सामने आया कि इन दस्तावेजों को कॉमन सर्विस सेंटर संचालक मोहम्मद सलीम द्वारा तैयार कर उपलब्ध कराने का आरोप है.
पांच लोगों पर दर्ज हुई FIR
मामले में चारों अपात्र व्यक्तियों के खिलाफ फर्जी दस्तावेज जमा कर मतदाता सूची में शामिल होने का प्रयास करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. वहीं, CSC संचालक मोहम्मद सलीम के खिलाफ भी कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उपलब्ध कराने को लेकर FIR दर्ज की गई है.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल करने वाले या ऐसे मामलों में सहयोग करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ नियम के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाए.
चार जिलों में होगी जांच
के. रवि कुमार के चार दिवसीय दौरे में साहेबगंज के अलावा गोड्डा, दुमका और देवघर जिले भी शामिल हैं. इस दौरान वह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़ी शिकायतों और संदिग्ध मामलों की स्थल जांच करेंगे. इसके साथ ही संबंधित निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर पुनरीक्षण प्रक्रिया की स्थिति और शिकायतों के निपटारे की भी जानकारी लेंगे.