East Singhbhum News: पश्चिमी सिंहभूम के मनोहरपुर क्षेत्र के रेल यात्रियों के लिए शनिवार को बड़ी सौगात मिली. लंबे समय से उठ रही मांग के बाद टाटानगर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस का मनोहरपुर रेलवे स्टेशन पर ठहराव शुरू हो गया. ट्रेन के पहली बार रुकने पर स्थानीय लोगों ने ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया.
सांसद-विधायक ने दिखाई हरी झंडी
ट्रेन के मनोहरपुर पहुंचने पर सांसद जोबा माझी, विधायक जगत माझी, राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा के प्रतिनिधि जेबी तुबिद और चक्रधरपुर रेल मंडल के डीआरएम तरुण हुरिया समेत कई जनप्रतिनिधियों और रेल अधिकारियों ने स्वागत किया. इसके बाद सांसद, विधायक और अन्य अतिथियों ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया. स्टेशन परिसर में इस मौके पर लोगों की बड़ी भीड़ मौजूद रही.
लंबे समय से उठ रही थी मांग
कार्यक्रम में सांसद जोबा माझी ने कहा कि एर्नाकुलम एक्सप्रेस का ठहराव क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग का परिणाम है. उन्होंने इसे मनोहरपुर और आसपास के लोगों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया. सांसद ने कहा कि सिंहभूम क्षेत्र में जहां भी रेल सुविधाओं की जरूरत है, वहां यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रयास जारी रहेंगे.
रेल फाटक पर जाम का मुद्दा उठा
सांसद ने मनोहरपुर रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम की समस्या भी उठाई. उन्होंने कहा कि लोगों को रोजाना होने वाली परेशानी से राहत देने के लिए यहां रेल ओवरब्रिज की जरूरत है.
सारंडा सवारी के नियमित परिचालन की मांग
विधायक जगत माझी ने कहा कि कोविड से पहले मनोहरपुर क्षेत्र में रेल सेवाओं और यात्री सुविधाओं की जो स्थिति थी, उसे बेहतर करने के लिए प्रयास जारी रहेंगे.
उन्होंने रेल अधिकारियों से सारंडा सवारी गाड़ी का नियमित परिचालन सुनिश्चित करने की मांग की. विधायक ने कहा कि इस ट्रेन का बार-बार परिचालन बंद होने से गरीब और मध्यम वर्ग के यात्रियों को परेशानी होती है.
अन्य ट्रेनों के ठहराव की उम्मीद
भाजपा नेता जेबी तुबिद ने कहा कि रेलवे के विकास के साथ आने वाले समय में मनोहरपुर को अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की सुविधा मिलने की उम्मीद है. कार्यक्रम में सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी, पूर्व विधायक गुरुचरण नायक, बड़कुंवर गागराई, जिला परिषद उपाध्यक्ष रंजीत यादव, बीडीओ शक्ति कुंज, सीओ प्रदीप कुमार, डीएसपी डेविड ए. डोडराय, विजय सिंह गागराई समेत रेल अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे.