Jharkhand News: झारखंड सरकार के अपने राजस्व पर इस वित्तीय वर्ष में दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। अगस्त 2026 तक GST और अन्य व्यापारिक करों से राज्य को 8,172.70 करोड़ रुपये की वसूली हुई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में सरकार ने 9,630.40 करोड़ रुपये जुटाए थे। इस तरह साल-दर-साल आधार पर राजस्व संग्रह में 1,457.70 करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई है।
आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त तक राज्य के कुल व्यापारिक कर राजस्व में 15.14 फीसदी की गिरावट आई है। राजस्व में कमी की सबसे बड़ी वजह IGST Settlement से मिलने वाली राशि में आई भारी गिरावट को माना जा रहा है।
IGST Settlement में 57.10% की बड़ी कमी
अगस्त 2025 तक झारखंड को IGST Settlement के तहत 2,262.94 करोड़ रुपये मिले थे। अगस्त 2026 तक यह रकम घटकर महज 970.78 करोड़ रुपये रह गई। यानी इस मद से मिलने वाले राजस्व में 57.10 फीसदी की गिरावट हुई है।
वहीं, राज्य की GST वसूली में भी कमी दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अगस्त तक GST संग्रह 4.6 फीसदी घटा है, जिससे कुल कर राजस्व पर भी इसका असर पड़ा है।
VAT संग्रह में 10.89% की बढ़ोतरी
जहां अधिकांश प्रमुख मदों में राजस्व घटा है, वहीं VAT संग्रह ने सरकार को कुछ राहत दी है। पिछले वर्ष अगस्त तक झारखंड को VAT से 2,649.74 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। इस वर्ष इसी अवधि में यह राशि बढ़कर 2,938.40 करोड़ रुपये हो गई।
इस तरह VAT संग्रह में 288.66 करोड़ रुपये, यानी 10.89 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि, VAT से हुई बढ़ोतरी IGST Settlement समेत अन्य मदों में आई कमी की भरपाई नहीं कर सकी।
प्रोफेशनल टैक्स और बिजली शुल्क से भी कम हुई आय
राज्य के अन्य कर स्रोतों में भी गिरावट देखने को मिली है। Jharkhand Professional Tax से होने वाली वसूली में 4.41 फीसदी की कमी आई है। वहीं Jharkhand Electricity Duty से मिलने वाले राजस्व में 46.44 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
वाणिज्यकर विभाग झारखंड सरकार के अपने राजस्व का सबसे बड़ा स्रोत है। राज्य के कुल अपने राजस्व में करीब 70 फीसदी हिस्सेदारी इसी विभाग की रहती है। ऐसे में व्यापारिक कर संग्रह में आई गिरावट सरकार के राजस्व प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती मानी जा रही है।