Jharkhand News: साहिबगंज की करीब 70 करोड़ रुपये की पाइपलाइन पेयजल आपूर्ति योजना को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि योजना का काम पूरा कर लिया गया है और जलापूर्ति भी शुरू हो चुकी है। योजना के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को सौंपने का निर्णय लिया गया है।
57 स्थानों पर पाइपलाइन की लीकेज हुई दुरुस्त
सरकार की ओर से अधिवक्ता शाहबाज अख्तर ने अदालत को बताया कि योजना की पाइपलाइन में 57 जगहों पर लीकेज की समस्या सामने आई थी। विभाग की ओर से सभी चिन्हित स्थानों पर मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है।
सरकार के मुताबिक, 14 अगस्त को हुई बैठक में योजना के आगे के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को देने का फैसला लिया गया है।
6 सप्ताह में दाखिल करनी होगी अनुपालन रिपोर्ट
चीफ जस्टिस एम.एस. सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव को योजना से संबंधित अनुपालन रिपोर्ट छह सप्ताह के भीतर अदालत में पेश करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।
पिछली सुनवाई में योजना की स्थिति पर उठे थे सवाल
इससे पहले याचिकाकर्ता ने योजना के पूरा होने संबंधी सरकार के दावे पर आपत्ति जताई थी। अदालत के समक्ष साहिबगंज नगर परिषद के 28 में से 21 वार्ड पार्षदों के बयान भी रखे गए थे। इनमें योजना का काम अधूरा होने, कुछ स्थानों पर पाइपलाइन से पानी रिसने और कई लोगों को अब तक नल कनेक्शन नहीं मिलने की बात कही गई थी।
अब हाईकोर्ट के निर्देश पर विभाग के सचिव को अनुपालन रिपोर्ट के जरिए योजना की वर्तमान स्थिति और सरकार की ओर से किए गए कार्यों की जानकारी अदालत के समक्ष रखनी होगी।