Jharkhand News: झारखंड स्वास्थ्य विभाग के अधीन संचालित आयुष व्यवस्था को लेकर होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (HMAI) ने चिंता जताई है। एसोसिएशन के हजारीबाग जिला अध्यक्ष डॉ. गणेश शंकर ने कहा कि आयुष सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए चिकित्सकों की समस्याओं के समाधान के साथ स्वास्थ्य केंद्रों पर जरूरी दवाएं और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है।
545 आयुष CHO चिकित्सकों के वेतन में देरी का मुद्दा
डॉ. गणेश शंकर के अनुसार, राज्य सरकार की ओर से करीब 545 आयुष CHO चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है। हालांकि, कई चिकित्सकों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार वेतन के लिए महीनों तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे चिकित्सकों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसका असर स्वास्थ्य सेवाओं की नियमितता पर भी पड़ने की आशंका है।
स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की उपलब्धता बढ़ाने की मांग
एसोसिएशन ने आयुष CHO की नियुक्ति के बावजूद कई स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक दवाओं की कमी का मुद्दा उठाया है। डॉ. शंकर ने कहा कि सरकारी होम्योपैथिक डिस्पेंसरी में भी पर्याप्त औषधियां उपलब्ध नहीं होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
सिर्फ नियुक्ति और डिस्पेंसरी से नहीं मजबूत होगी व्यवस्था
HMAI का कहना है कि होम्योपैथी और आयुष चिकित्सा को आम लोगों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने के लिए केवल चिकित्सकों की नियुक्ति और नए डिस्पेंसरी खोलना पर्याप्त नहीं है। स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों के साथ जरूरी दवाएं, उपकरण और अन्य आधारभूत सुविधाएं भी सुनिश्चित करनी होंगी। एसोसिएशन ने सरकार से आयुष व्यवस्था से जुड़ी इन समस्याओं पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने की मांग की है।