Current News: उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद कथित शुद्धिकरण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कानूनी और राजनीतिक मुद्दा बन गया है। मामले में राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद कांग्रेस ने भाजपा और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार पर निशाना साधा है।
मामला हल्द्वानी के रामलीला मैदान से जुड़ा है, जहां 8 अगस्त को मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा आयोजित हुई थी। कांग्रेस के अनुसार, सभा के तीन दिन बाद 11 अगस्त को कुछ लोगों ने मैदान में कथित तौर पर शुद्धिकरण यज्ञ किया था।
हल्द्वानी पुलिस के मुताबिक, जवाहर नगर निवासी अमित कुमार की शिकायत पर कोतवाली थाने में राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। अमित कुमार वाल्मीकि समुदाय से आते हैं और श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास से भी जुड़े बताए गए हैं।
कांग्रेस ने पूछा:- शुद्धिकरण कराने वालों पर FIR क्यों नहीं?
FIR के बाद कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरते हुए सवाल किया कि कथित शुद्धिकरण कराने और करवाने वालों के खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। पार्टी ने कहा कि वह इस मामले का लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से जवाब देगी।
कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भाजपा और धामी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विवाद का असली मुद्दा राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR नहीं, बल्कि जनसभा स्थल का कथित शुद्धिकरण है।
पवन खेड़ा ने कहा कि राहुल गांधी ने शुद्धिकरण के खिलाफ आवाज उठाई, जिसके बाद उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी गई, जबकि कथित तौर पर शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ अब तक FIR नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसद में भी इस घटना का जिक्र किया है और अब कार्रवाई करना उत्तराखंड सरकार की जिम्मेदारी है।
कुमारी शैलजा ने भी सरकार को घेरा
उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी महासचिव कुमारी शैलजा ने भी मामले को लेकर धामी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि खड़गे की जनसभा के बाद कथित शुद्धिकरण करने वालों पर कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन इसके खिलाफ आवाज उठाने वाले विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज कर दी गई।
कांग्रेस नेताओं ने सरकार से कथित शुद्धिकरण की घटना पर कार्रवाई करने और मामले में समान रूप से कानूनी प्रक्रिया अपनाने की मांग की है।