Jharkhand: भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग को लेकर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो अपनी "भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा" के तहत पाकुड़ पहुंचे. सिदो-कान्हू मुर्मू पार्क के पास स्थानीय छात्रों और युवाओं ने उनका स्वागत किया. जेएलकेएम नेता मार्क बास्की समेत बड़ी संख्या में युवा इस दौरान मौजूद रहे.
"यह लड़ाई किसी दल के खिलाफ नहीं"
पार्क परिसर में हुई सभा में देवेंद्र महतो ने कहा कि यात्रा की शुरुआत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की धरती नेमरा से हुई है. पाकुड़ इस यात्रा का छठा पड़ाव है. उन्होंने कहा कि आंदोलन किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं है. उनका विरोध राज्य की कथित भ्रष्ट भर्ती व्यवस्था के खिलाफ है. महतो ने कहा कि जब तक झारखंड के युवाओं को उनका अधिकार नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
भर्ती प्रक्रिया पर उठाए सवाल
देवेंद्र महतो ने सिपाही, शिक्षक और दारोगा की भर्ती से लेकर जेपीएससी, बीडीओ, सीओ और डीएसपी जैसे पदों की नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रियाओं में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हो रही हैं. उनका कहना था कि गरीब परिवारों के युवा वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं. ऐसे में कथित पेपर लीक और भ्रष्टाचार की घटनाएं उनके भविष्य को प्रभावित करती हैं.
45 परीक्षाओं को लेकर किया दावा
देवेंद्र महतो ने दावा किया कि रांची में छात्रों के आंदोलन, भूख हड़ताल और विधानसभा घेराव के बाद सरकार को 45 परीक्षाओं से जुड़े मामलों पर संज्ञान लेना पड़ा. उन्होंने कहा कि सीआईडी जांच में गड़बड़ी सामने आने के बाद 22 परीक्षाएं रद्द की गईं. 17 परीक्षाओं में जांच शुरू हुई, जबकि 6 परीक्षाओं पर रोक लगाई गई. जेएसएससी सीजीएल मामले में हुई हालिया गिरफ्तारियों को उन्होंने छात्र आंदोलन की बड़ी उपलब्धि बताया.
बड़े अधिकारियों की भी जांच की मांग
महतो ने कहा कि भर्ती से जुड़े मामलों की जांच केवल छोटे स्तर के लोगों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. उनके मुताबिक, अगर जांच में किसी बड़े अधिकारी, आईएएस अधिकारी या मंत्री की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए.
मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
सभा में देवेंद्र महतो ने सरकार से स्थानीय और पारदर्शी नियोजन नीति लागू करने की मांग की. उन्होंने पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर रोक लगाने की भी बात कही. महतो ने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो छात्र राज्यव्यापी आंदोलन करेंगे. उन्होंने अनिश्चितकालीन चक्का जाम और पूर्ण "झारखंड बंद" का आह्वान करने की चेतावनी भी दी.