Ranchi News: पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग मामले में गुरुवार को रांची की विशेष अदालत में सुनवाई होनी थी. लेकिन स्वास्थ्य खराब होने के कारण दिनेश गोप को अदालत के सामने पेश नहीं किया जा सका. मनी लॉन्ड्रिंग मामले के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत में मामले की सुनवाई हुई. दिनेश गोप को पलामू जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया जाना था, लेकिन उनकी तबीयत ठीक नहीं होने के कारण ऐसा नहीं हो सका. पेशी नहीं होने के बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 10 सितंबर की तारीख तय की है.
20 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का मामला
यह मामला करीब 20 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग से जुड़ा है. प्रवर्तन निदेशालय यानी ED इस मामले की जांच कर रहा है. ED की जांच के अनुसार, दिनेश गोप पर पीएलएफआई के जरिए झारखंड और आसपास के राज्यों में अवैध वसूली का नेटवर्क चलाने का आरोप है. जांच एजेंसी का दावा है कि ठेकेदारों, कारोबारियों और ट्रांसपोर्टरों से वसूली के जरिए बड़ी रकम जुटाई गई थी.
ED के मुताबिक, कथित तौर पर अवैध तरीके से जुटाए गए पैसों को छिपाने और उसे वैध दिखाने के लिए कई कंपनियों का इस्तेमाल किया गया. जांच में सामने आया कि दिनेश गोप की दोनों पत्नियों शकुंतला कुमारी और हीरा देवी के अलावा कुछ अन्य सहयोगियों के नाम पर कंपनियां बनाई गई थीं. ED को इन कंपनियों के जरिए कथित तौर पर पैसों के लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग किए जाने का संदेह है.
दिनेश गोप को राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA ने गिरफ्तार किया था. इसके बाद ED ने मामले में ECIR दर्ज कर मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की. जांच आगे बढ़ने के बाद ED ने दिनेश गोप और उसके सहयोगियों के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट भी दाखिल की. इस मामले में ED की ओर से दिनेश गोप की औपचारिक गिरफ्तारी भी की जा चुकी है.
फिलहाल अदालत में मामले की सुनवाई जारी है. दिनेश गोप की अगली पेशी और मामले में आगे की कार्रवाई 10 सितंबर को होने वाली सुनवाई में तय होगी.