Dhalbhumgarh: धालभूमगढ़ और चार चक्का क्षेत्र में एनएचएआई की ओर से चलाया जा रहा अतिक्रमण हटाओ अभियान मंगलवार को की गई .कार्रवाई के दौरान करीब 60 दुकानों को अतिक्रमण मुक्त कराया गया. अभियान शुरू होने से पहले कई दुकानदारों ने खुद ही अपनी दुकानें और प्रतिष्ठान खाली कर दिए. वहीं, कुछ निर्माणों को जेसीबी की मदद से हटाया गया.
झामुमो कार्यालय भी जेसीबी से हटाया गया
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान झामुमो के कार्यालय को भी जेसीबी से तोड़कर अतिक्रमण मुक्त कराया गया. एनएचएआई के नियमों के अनुसार बहरागोड़ा से घाटशिला जाने वाली सड़क के दाहिनी तरफ बनी अधिकतर दुकानों को दुकानदारों ने खुद ही खाली कर दिया. इसके दूसरी तरफ घाटशिला से बहरागोड़ा जाने वाली सड़क के बाईं ओर मौजूद दुकानों और अन्य निर्माणों को जेसीबी से हटाया गया. कार्रवाई शुरू होने के बाद दुकानदार अपने सामान को निकालकर सुरक्षित जगहों पर ले जाते नजर आए.
मुआवजा मिलने के बाद भी नहीं हटाए गए निर्माण
एनएचएआई के अधिकृत अमीन शुभेंदु श्यामल ने ऐसे मकानों और दुकानों को चिह्नित किया, जिनकी जमीन का मुआवजा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण पहले ही दे चुका है. इसके बावजूद संबंधित लोगों ने अब तक अपने निर्माण नहीं हटाए थे. ऐसे निर्माणों पर लाल निशान लगाया गया है. संबंधित मकान मालिकों और दुकानदारों को निर्माण हटाने के लिए सात दिनों का समय दिया गया है. निर्धारित समय के भीतर निर्माण नहीं हटाने पर प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जाएगी.
दुकानें हटने से करीब 300 लोग प्रभावित
अतिक्रमण हटाए जाने का असर सिर्फ दुकानदारों तक सीमित नहीं है. करीब 300 लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हुए हैं. इन दुकानों से जुड़े ट्रॉली चालक, सामान ढोने वाले मजदूर और बाजार में सफाई का काम करने वाले लोगों की भी रोजी-रोटी चलती थी. दुकान चलाने वाले कई लोगों ने बैंक से कर्ज भी लिया था. दुकान की आमदनी से वे बैंक की किस्तें चुका रहे थे. अब दुकानें हट जाने के बाद उनके सामने बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्ग माता-पिता की दवा और घर के दूसरे जरूरी खर्च पूरे करने की चिंता खड़ी हो गई है. रोजगार का साधन खत्म होने से प्रभावित दुकानदार और उनसे जुड़े लोग परेशान हैं.
अभियान में ये अधिकारी रहे मौजूद
अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान एनएचएआई के रेजिडेंट इंजीनियर जितेंद्र कुमार सिंह, साइट इंचार्ज ऋषभ रंजन और अमीन शुभेंदु श्यामल मौजूद रहे. दंडाधिकारी के रूप में आलोक कुमार गुप्ता तैनात थे. धालभूमगढ़ थाना के एएसआई फिलिप कुजूर पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे. इसके अलावा राजस्व कर्मचारी प्रेम कुमार भी अभियान में शामिल रहे.