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  • 2026-08-24

Jamshedpur Court: कन्हैया सिंह-सुधीर दुबे गैंगवार मामले में आरोपियों की गवाही नहीं होने पर टली सुनवाई

Jamshedpur Court: जमशेदपुर के सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के नीतिबाग-पटेलनगर में अप्रैल 2020 में हुए चर्चित गैंगवार मामले में सोमवार को जमशेदपुर कोर्ट में सुनवाई हुई. यह मामला अखिलेश सिंह गिरोह के कन्हैया सिंह गुट और सुधीर दुबे गिरोह के बीच हुई गोलीबारी से जुड़ा है. इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग केस दर्ज हुए हैं और दोनों मामलों का ट्रायल चल रहा है. इस घटना को कन्हैया सिंह और सुधीर दुबे गिरोह के बीच गोलीबारी हुई थी.

सोमवार को मामले की सुनवाई एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज-3 की अदालत में हुई. इस चरण में आरोपियों के बयान दर्ज होने थे. आपराधिक मुकदमे में अभियोजन पक्ष की गवाही पूरी होने के बाद आरोपियों का बयान दर्ज करने की प्रक्रिया आती है, जिसे आम तौर पर धारा 313 CrPC के तहत किया जाता है.

हालांकि, सोमवार को आरोपियों के बयान दर्ज नहीं हो सके. शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से 313 CrPC के तहत एक आवेदन देकर गवाही देने की बात कही गई. इस आवेदन पर आरोपी पक्ष को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया गया है. अब अगली तारीख पर आरोपी पक्ष इस आवेदन पर अपना जवाब दाखिल करेगा. इसके बाद अदालत आगे की गवाही की प्रक्रिया पर निर्णय लेगी. यानी फिलहाल मामले में ट्रायल खत्म होने की स्थिति नहीं है और सुनवाई आगे भी जारी रहेगी.

इस गैंगवार से जुड़े दोनों मामलों में आरोपियों की संख्या अलग-अलग है. जानकारी के अनुसार कन्हैया सिंह पक्ष की ओर से दर्ज मामले में 23 आरोपी, जबकि सुधीर दुबे पक्ष की ओर से दर्ज दूसरे मामले में 9 आरोपी हैं. यानी यह एक ही घटना से जुड़े दो काउंटर केस हैं. दोनों मामलों में अलग-अलग पक्ष शिकायतकर्ता और आरोपी हैं.

आखिर 2020 में क्या हुआ था?
यह घटना 29/30 अप्रैल 2020 की रात सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के पटेलनगर-नीतिबाग कॉलोनी इलाके में हुई थी. उस समय देश में लॉकडाउन लागू था. पुलिस और उस समय की मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस घटना में अखिलेश सिंह गिरोह के कन्हैया सिंह और उसके साथियों तथा अखिलेश सिंह से अलग होकर अपना गिरोह बना चुके सुधीर दुबे के गुट के बीच गोलीबारी हुई थी. 

गोलीबारी में कन्हैया सिंह समेत कई लोग घायल हुए थे. घायलों को इलाज के लिए टीएमएच ले जाया गया था. घटनास्थल से पुलिस ने खोखे भी बरामद किए थे.

समझौते के नाम पर बुलाने का आरोप
घटना के बाद कन्हैया सिंह ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया था कि सुधीर दुबे गिरोह के कल्लू राय ने समझौते के लिए उसे पटेलनगर बुलाया था. कन्हैया के मुताबिक, वह अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा था. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई.

दूसरी तरफ पुलिस जांच में सुधीर दुबे की भूमिका को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आए थे.पुलिस और मिडिया रिपोर्ट के अनुसार सुधीर दुबे ने घटना की योजना बनाने की बात पूछताछ में स्वीकार की थी. हालांकि, अदालत में किसी आरोपी के खिलाफ आरोप साबित होना अलग प्रक्रिया है. 

सुधीर दुबे ने अलग गिरोह बनाया था
इस पूरे विवाद की जड़ दोनों गुटों के बीच पुरानी रंजिश से जुड़ी बताई जाती है. सुधीर दुबे पहले अखिलेश सिंह गिरोह से जुड़ा हुआ था. बाद में दोनों के बीच विवाद हुआ और सुधीर ने अलग गिरोह बना लिया. इसके बाद कन्हैया सिंह अखिलेश सिंह गुट के साथ रहा, जबकि सुधीर दुबे अलग हो गया था. इसी आपसी टकराव के बीच नीतिबाग कॉलोनी में गोलीबारी की घटना हुई. 

आज की सुनवाई क्यों महत्वपूर्ण रही?
आज की सुनवाई में कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ. बल्कि मामला ट्रायल के अगले चरण में जाने से पहले एक आवेदन के कारण रुक गया. अदालत अब आरोपी पक्ष का जवाब देखेगी. उसके बाद यह तय होगा कि शिकायतकर्ता पक्ष की प्रस्तावित गवाही किस तरह आगे बढ़ेगी.

इसलिए 24 अगस्त की सुनवाई का मुख्य बिंदु आरोपियों का बयान दर्ज होना नहीं, बल्कि 313 CrPC के तहत दिए गए आवेदन पर अगली कार्रवाई के लिए समय मिलना रहा. मामला करीब छह साल पुराना है और इसमें दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग मुकदमे चल रहे हैं. ऐसे में आगे की सुनवाई में गवाही और उसके बाद आरोपियों के बयान की प्रक्रिया पूरी होने में अभी समय लग सकता है.
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