Jamshedpur News: सोनारी के निर्मल नगर जाहिरा बस्ती में सोमवार को रास्ते और जमीन की घेराबंदी को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. बस्ती के लोगों ने आदित्य हेरिटेज में बन रहे फ्लैट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस रास्ते का इस्तेमाल बस्ती के लोग पिछले करीब 50 वर्षों से आने-जाने के लिए करते आ रहे हैं, उसे फ्लैट निर्माण के लिए घेर दिया गया है. रास्ता बंद होने के कारण बस्ती में रहने वाले हजारों लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों और छात्रों को भी आने-जाने में परेशानी हो रही है.
बस्तीवासियों का कहना है कि यह रास्ता उनके लिए सिर्फ आने-जाने का साधन नहीं, बल्कि वर्षों से इस्तेमाल किया जाने वाला मुख्य मार्ग है. इसी रास्ते से लोग काम पर जाते हैं, स्कूली बच्चे अपनी पढ़ाई के लिए आते-जाते हैं. रास्ते की स्थिति खराब होने और जगह कम होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
बिहार सरकार की जमीन को अवैध तरीके से घेरने का आरोप
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि अब विवादित रास्ते के अलावा बिहार सरकार के अधीन आने वाली जमीन को भी कथित तौर पर फ्लैट वालों द्वारा अवैध तरीके से घेरा जा रहा है. बस्तीवासियों के अनुसार, जिस जमीन को पहले सरकारी जमीन बताते हुए आदित्य हेरिटेज की ओर से छोड़ दिया गया था, अब उसी जमीन की भी घेराबंदी की जा रही है.
लोगों का कहना है कि अगर सरकारी जमीन की घेराबंदी की जा रही है, तो प्रशासन को इसकी जांच करनी चाहिए. बस्तीवासियों ने मांग की है कि जमीन के कागजात और सीमांकन की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि जमीन किसके अधिकार में है और उसकी घेराबंदी किस आधार पर की जा रही है.
रास्ता बंद हुआ तो एंबुलेंस तक नहीं पहुंच पाएगी
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सबसे बड़ी चिंता आपात स्थिति को लेकर जताई. उनका कहना है कि अगर दूसरा रास्ता भी फ्लैट निर्माण के कारण बंद कर दिया गया, तो बस्ती में रहने वाले हजारों लोगों के लिए आने-जाने का संकट खड़ा हो जाएगा. किसी व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने या दुर्घटना होने की स्थिति में एंबुलेंस को बस्ती तक पहुंचने में भी परेशानी हो सकती है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास और फ्लैट निर्माण से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन विकास के नाम पर वर्षों पुराने आवागमन के रास्ते को बंद नहीं किया जाना चाहिए. उनका कहना है कि बस्ती में बड़ी संख्या में परिवार रहते हैं और उनके आवागमन की व्यवस्था को ध्यान में रखकर ही किसी भी तरह का निर्माण या घेराबंदी की जानी चाहिए.
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
बस्तीवासियों ने प्रशासन और सभी जनप्रतिनिधियों से मामले में जल्द हस्तक्षेप करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि प्रशासन मौके पर पहुंचकर जमीन और रास्ते की स्थिति की जांच करे तथा यह सुनिश्चित करे कि बस्ती के लोगों का रास्ता बंद न हो.
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी के विकास कार्य को रोकना नहीं है. वे सिर्फ यह चाहते हैं कि वर्षों से इस्तेमाल किए जा रहे रास्ते को सुरक्षित रखा जाए और कथित तौर पर बिहार सरकार की जमीन की हो रही घेराबंदी की निष्पक्ष जांच की जाए. लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो बस्तीवासियों की परेशानी और बढ़ सकती है.