Kolkata News: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पिछली सरकारों पर केंद्र के साथ सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक केंद्र और राज्य के बीच टकराव की राजनीति चलती रही. शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि इसका सीधा असर पश्चिम बंगाल के विकास पर पड़ा. उन्होंने 34 साल के वामपंथी शासन और 15 साल की TMC सरकार को इसके लिए जिम्मेदार बताया.
केंद्र के साथ बेहतर तालमेल से विकास का दावा
शुभेंदु अधिकारी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में विकास के लिए जरूरी संसाधनों की कमी नहीं है. राज्य के पास जमीन, कुशल कर्मचारी, कच्चा माल और बुनियादी सुविधाएं मौजूद हैं.
उन्होंने कहा कि पहले केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल नहीं था. अब "डबल इंजन" सरकार के जरिए विकास को गति देने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल को फिर से विकास की दिशा में आगे ले जाने का प्रयास किया जा रहा है.
2047 तक विकसित भारत के साथ बंगाल के विकास का दावा
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य वर्ष 2047 तक भारत को विकसित देश बनाना है. उन्होंने कहा कि देश के विकसित होने के साथ पश्चिम बंगाल को भी विकसित राज्य बनाना है. इसके लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है.
वाम और TMC सरकारों पर साधा निशाना
शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में 34 साल के कम्युनिस्ट शासन और उसके बाद 15 साल के TMC शासन के दौरान केंद्र के साथ टकराव का माहौल रहा. उन्होंने कहा कि इस वजह से बंगाल अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं कर सका. उनके मुताबिक, राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास की काफी संभावनाएं हैं. केंद्र के साथ मिलकर काम करने से इन संभावनाओं को आगे बढ़ाया जा सकता है.
रक्षा क्षेत्र की पांच परियोजनाओं की आधारशिला
इस कार्यक्रम के दौरान कोलकाता में GRSE और यंत्र इंडिया लिमिटेड की पांच ब्राउनफील्ड विस्तार परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी गई. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इन परियोजनाओं की आधारशिला रखी. इस मौके पर शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे. इन परियोजनाओं का उद्देश्य रक्षा उत्पादन से जुड़ी सुविधाओं और औद्योगिक क्षमता को बढ़ाना है.