Aaj Ka Panchang: वैदिक पंचांग के अनुसार आज 20 अगस्त, गुरुवार को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव को समर्पित माना जाता है। आज विशाखा के बाद अनुराधा नक्षत्र रहेगा। आइए जानते हैं आज की तिथि, शुभ-अशुभ समय, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय।
आज की तिथि और वार
* तिथि: शुक्ल पक्ष की अष्टमी
* मास: श्रावण
* दिन: गुरुवार
* संवत: 2083
अष्टमी तिथि रात 9 बजकर 18 मिनट तक रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि शुरू होगी।
आज बन रहा इन्द्र योग
आज इन्द्र योग बन रहा है। यह योग 21 अगस्त की सुबह 4 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। इसके बाद वैधृति योग शुरू होगा।करण की बात करें तो विष्टि यानी भद्रा सुबह 8 बजकर 15 मिनट तक रहेगी। इसके बाद बव करण और रात 9 बजकर 18 मिनट के बाद बालव करण शुरू होगा।
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
आज सूर्य देव सिंह राशि में रहेंगे।
चंद्रमा वृश्चिक राशि में स्थित रहेंगे।
* सूर्योदय: सुबह 5:53 बजे
* सूर्यास्त: शाम 6:56 बजे
* चंद्रोदय: दोपहर 1:16 बजे
* चंद्रास्त: रात 11:24 बजे
आज के शुभ मुहूर्त
आज अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:58 बजे से 12:50 बजे तक रहेगा।
वहीं अमृत काल रात 12:17 बजे से 2:04 बजे तक रहेगा। यह समय 21 अगस्त की मध्यरात्रि के बाद का है।
आज का राहुकाल
गुरुवार को राहुकाल दोपहर 2:02 बजे से 3:40 बजे तक रहेगा। इस दौरान शुभ कार्य शुरू करने से बचने की मान्यता है।
* गुलिकाल: सुबह 9:09 से 10:46 बजे तक
* यमगण्ड: सुबह 5:53 से 7:31 बजे तक
आज का नक्षत्र अनुराधा
आज चंद्रमा सुबह 9:08 बजे तक विशाखा नक्षत्र में रहेंगे। इसके बाद अनुराधा नक्षत्र शुरू होगा। अनुराधा नक्षत्र वृश्चिक राशि के 3°20’ से 16°40’ तक माना जाता है। इसके स्वामी शनिदेव हैं, जबकि राशि स्वामी मंगल हैं। इस नक्षत्र के देवता मित्र देव माने जाते हैं। इसका प्रतीक कमल का फूल या सजा हुआ द्वार बताया गया है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस नक्षत्र में जन्मे लोगों को मेहनती, साहसी, बुद्धिमान और स्पष्ट बोलने वाला माना जाता है। ऐसे लोग रिश्तों को गंभीरता से लेते हैं और अपने फैसले खुद लेने की प्रवृत्ति रखते हैं।
गुरुवार को क्या करें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरुवार को भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की पूजा करना शुभ माना जाता है। इस दिन पीले वस्त्र पहनने और केले के पेड़ की पूजा करने की भी परंपरा है। मान्यता है कि गुरुवार को पूजा और व्रत करने से सुख-समृद्धि, ज्ञान और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।