Deoghar News: श्रावणी मेला 2026 के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई करने वाले देवघर के खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी राजेश कुमार शर्मा को झारखंड सरकार ने निलंबित कर दिया है. स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से जारी आदेश में उन पर कर्तव्य में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है. सरकार ने कहा है कि आरोपों की अलग से विभागीय जांच होगी.
रांची में रहेगा मुख्यालय
निलंबन अवधि में राजेश कुमार शर्मा का मुख्यालय स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, नेपाल हाउस, रांची रहेगा. वहीं, देवघर में खाद्य सुरक्षा विभाग का काम प्रभावित न हो, इसके लिए गिरिडीह के खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी सुबीर रंजन को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है.
मेले में मिलावट के खिलाफ हुई थी कार्रवाई
श्रावणी मेला के दौरान देवघर में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. इसे देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच का अभियान चलाया था. जांच के दौरान कई खाद्य पदार्थों में गड़बड़ी सामने आने का दावा किया गया. मिलावटी पेड़ा, हल्दी, स्टार्च वाले पनीर और एक्सपायरी एनर्जी ड्रिंक समेत कई सामानों पर कार्रवाई की गई.
13 हजार किलो से ज्यादा एक्सपायरी आटा-बेसन जब्त
रिपोर्ट के अनुसार, अभियान के दौरान 13 हजार किलोग्राम से अधिक एक्सपायरी आटा और बेसन जब्त किया गया. संबंधित कंपनी को सामान वापस लेने का निर्देश दिया गया. इसके अलावा करीब 200 किलोग्राम मिलावटी पेड़ा नष्ट कराया गया.
182 खाद्य प्रतिष्ठानों का हुआ पंजीकरण
खाद्य सुरक्षा विभाग ने बिना पंजीकरण चल रहे 182 खाद्य प्रतिष्ठानों का पंजीकरण भी कराया. इसका उद्देश्य मेला क्षेत्र में खाद्य कारोबार को नियमों के दायरे में लाना था. बड़े और नामचीन प्रतिष्ठानों को भी जांच के दायरे में रखा गया.
निलंबन के बाद उठ रहे सवाल
राजेश कुमार शर्मा के निलंबन के बाद इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है. सवाल उठ रहा है कि मेला क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा को लेकर अभियान चलाने वाले अधिकारी पर लापरवाही का आरोप किस आधार पर लगाया गया. हालांकि, यह भी चर्चा है कि मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर उन पर दबाव था.
विभागीय जांच से साफ होगी तस्वीर
सरकार के आदेश के मुताबिक, निलंबन के साथ विभागीय जांच भी होगी. इसलिए निलंबन को अंतिम रूप से दोषी ठहराया जाना नहीं माना जा सकता. जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि अधिकारी पर लगाए गए आरोप कितने सही हैं. फिलहाल देवघर में खाद्य सुरक्षा अभियान जारी रखने की जिम्मेदारी सुबीर रंजन को दी गई है. अब निगरानी और विभागीय जांच के नतीजे पर सभी की नजर है.