Ranchi News: राष्ट्रीय स्तर पर सरना धर्म सम्मेलन के आयोजन को लेकर रांची के तिरिल में विभिन्न आदिवासी संगठनों की बैठक हुई। इसमें रांची, खूंटी, हजारीबाग, रामगढ़, लोहरदगा, पलामू और गुमला समेत कई जिलों से धर्म अगुवा, समाजसेवी और बुद्धिजीवी शामिल हुए। बैठक में आगामी 10 जनवरी को राष्ट्रीय स्तर पर सरना धर्म सम्मेलन आयोजित करने की तैयारियों पर चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि सम्मेलन में झारखंड के अलावा असम, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों से सरना धर्मावलंबियों के शामिल होने की उम्मीद है। नेपाल से भी सरना धर्म को मानने वाले प्रतिनिधियों के पहुंचने की संभावना जताई गई है।
सरना धर्मावलंबियों को एक मंच पर लाने की तैयारी
बैठक की अगुवाई प्रदेश धर्मगुरु राजेश लिंडा ने की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर सम्मेलन आयोजित करने का उद्देश्य देशभर के सरना धर्मावलंबियों को एक साझा मंच पर लाना है। इसके साथ ही धार्मिक और सामाजिक एकजुटता को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सम्मेलन की तैयारियों को लेकर विभिन्न जिलों में संपर्क अभियान चलाया जाएगा। स्थानीय स्तर पर बैठकों और जनसंपर्क के माध्यम से लोगों को सम्मेलन से जोड़ने की योजना बनाई गई है।
6 सितंबर को रांची में होगी व्यापक बैठक
सम्मेलन की तैयारियों को आगे बढ़ाने के लिए 6 सितंबर को रांची में एक व्यापक बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इसमें विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों के साथ सम्मेलन की रूपरेखा, जिम्मेदारियों और तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
बैठक में शामिल संगठनों ने सम्मेलन को सफल बनाने के लिए आपसी समन्वय और व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। आयोजकों का कहना है कि राष्ट्रीय सम्मेलन के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले सरना धर्मावलंबियों के बीच संवाद और एकजुटता को और मजबूत किया जाएगा।