Bokaro News: सेक्टर 12-ई में एक ब्लॉक की पानी की टंकी और सीढ़ी गिरने की घटना के बाद CITU की जांच कमिटी ने रविवार को मौके का निरीक्षण किया. घटना के दौरान ब्लॉक में रहने वाले लोगों की जान खतरे में पड़ गई थी. निरीक्षण के बाद यूनियन ने बोकारो स्टील प्रबंधन से आवासों की सुरक्षा और नियमित रखरखाव को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की.
आवासों के रखरखाव में लापरवाही का आरोप
CITU के महामंत्री आरके गोरांई ने कहा कि ब्लॉक को बाहर से देखने पर ऐसा प्रतीत होता है कि हाल ही में उसकी रंगाई-पुताई की गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन शहर के सौंदर्यीकरण और अतिक्रमण हटाने के नाम पर बड़ी राशि खर्च करता है, लेकिन कर्मचारियों और पूर्व कर्मचारियों के आवासों के नियमित रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आवासों की समय पर मरम्मत और रखरखाव नहीं होने से इस तरह की घटनाओं का खतरा बना रहता है. यूनियन ने आवासों की स्थिति की व्यापक जांच कराने की मांग की है.
सेक्टर 12 में पर्याप्त तकनीकी कर्मचारियों की कमी का दावा
यूनियन के अनुसार पूरे सेक्टर 12 के लिए एक ही मेंटेनेंस कार्यालय है, जो रात की पाली में बंद रहता है. सिविल, इलेक्ट्रिकल, वाटर सप्लाई और पब्लिक हेल्थ जैसी जरूरी सेवाओं के लिए पर्याप्त मैनपावर नहीं होने का भी आरोप लगाया गया. CITU ने कहा कि आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए कोई क्विक रिस्पॉन्स टीम भी उपलब्ध नहीं है. यूनियन का कहना है कि आवासीय क्षेत्र में रहने वाले कर्मचारियों और पूर्व कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए ऐसी व्यवस्था जरूरी है.
निष्पक्ष जांच कमिटी में यूनियन प्रतिनिधि को शामिल करने की मांग
CITU ने बोकारो स्टील प्रबंधन से घटना की जिम्मेदारी तय करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. यूनियन ने जांच कमिटी में अपने प्रतिनिधि को भी शामिल करने की मांग रखी है. इसके अलावा कर्मचारियों और पूर्व कर्मचारियों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने, पुराने आवासों की स्थिति की जांच करने और मरम्मत कार्य की गुणवत्ता की निगरानी करने की मांग की गई है. जांच कमिटी में देव कुमार, इश्तियाक अंसारी, संजय अंबेडकर, आरएन सिंह और आरआर पन्ना समेत अन्य सदस्य शामिल थे.