Maharashtra News : महाराष्ट्र के पालघर जिले से सटे नालासोपारा में एक जन्मदिन का जश्न उस वक्त चिंता में बदल गया, जब केक खाने के तुरंत बाद 11 लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए. बीमार पड़े लोगों में सात बच्चे और चार महिलाएं शामिल हैं. पीड़ितों को तुरंत नजदीकी विजयलक्ष्मी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है.
जन्मदिन की पार्टी के बाद अचानक बिगड़ी तबीयत
यह घटना नालासोपारा ईस्ट के टाकीपाड़ा स्थित नीलकंठेश्वर सोसाइटी की है. शनिवार शाम को एक महिला के 25वें जन्मदिन का कार्यक्रम आयोजित किया गया था. समारोह के लिए स्थानीय बेकरी से केक मंगाया गया था. केक खाते ही मेहमानों के सीने में अचानक तेज जलन और उल्टी की शिकायत होने लगी. देखते ही देखते कई बच्चों और महिलाओं की हालत बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई.
तीन बच्चों की हालत गंभीर, ICU में शिफ्ट
अस्पताल पहुंचाए जाने के बाद डॉक्टरों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी मरीजों की जांच की. तीन बच्चों की स्थिति अधिक नाजुक होने के कारण उन्हें तुरंत आईसीयू (ICU) में भर्ती किया गया. वहीं, अन्य आठ मरीजों को ऑब्जर्वेशन में रखा गया है. अस्पताल की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. विद्या सावंत के अनुसार, सभी मरीजों की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और मेडिकल टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है.
केक में मरी हुई छिपकली मिलने का दावा
इलाज के दौरान बच्चों ने आरोप लगाया कि जब केक काटा जा रहा था, तब उसमें मरी हुई छिपकली पाई गई थी. इस दावे के सामने आने के बाद इलाके में खाद्य सुरक्षा और बेकरी की स्वच्छता को लेकर नाराजगी फैल गई है. हालांकि, खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) या स्थानीय अधिकारियों ने केक में छिपकली होने के दावों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
लैब रिपोर्ट का इंतजार, जांच में जुटी टीमें
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने घटना स्थल का जायजा लिया है. केक के नमूनों को फॉरेंसिक और लैब जांच के लिए भेज दिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी, जिसके आधार पर संबंधित दुकान या निर्माता के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.