Current News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से अपने संबोधन में नक्सलवाद को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश में नक्सलवाद लगभग खत्म होने की स्थिति में है, लेकिन अब दिमागी नक्सल जैसी विचारधारा रखने वाले लोगों को पहचानने की जरूरत है। पीएम मोदी ने कहा कि जंगलों में हथियारबंद नक्सलियों के खिलाफ देश को सफलता मिली है, लेकिन कुछ लोग अब वैचारिक स्तर पर नक्सली सोच को आगे बढ़ाने के लिए मौके की तलाश में हैं।
जयराम रमेश बोले:- पहले अर्बन नक्सल, अब दिमागी नक्सल
प्रधानमंत्री के इस बयान पर विपक्षी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री पहले अपने राजनीतिक विरोधियों के लिए अर्बन नक्सल शब्द का इस्तेमाल करते थे और अब दिमागी नक्सल कह रहे हैं। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री की हताशा का संकेत बताया और पीएम मोदी पर राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने भी प्रधानमंत्री के बयान पर तंज कसा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, I am proud to be a dimagi naxal! चिदंबरम का यह बयान पीएम मोदी की टिप्पणी के विरोध के तौर पर सामने आया।
CPI(M) ने नक्सलवाद का विरोध किया, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
CPI(M) महासचिव एमए बेबी ने कहा कि उनकी पार्टी नक्सलवाद का विरोध करती है, लेकिन सरकार पर माओवादियों से निपटने के दौरान कानून और संविधान के उल्लंघन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद एक राजनीतिक विचारधारा है, जिससे उनकी पार्टी पूरी तरह असहमत है।
एमए बेबी ने प्रधानमंत्री के भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि अब विपक्षी नेताओं और अन्य लोगों को नक्सली मानसिकता वाला बताया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अक्सर विपक्ष पर देश विरोधी होने जैसे आरोप लगाती है। उन्होंने मोदी सरकार पर कथित राज्य प्रायोजित आतंकवाद का भी आरोप लगाया और दावा किया कि कुछ गिरफ्तार नक्सलियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश करने के बजाय हिरासत में ही गोली मार दी गई। हालांकि, उनके इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है.