Upper Bazar Ranchi: रांची के अपर बाजार स्थित जालान रोड की दुकानों को तोड़ने की नगर निगम की कार्रवाई पर झारखंड हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है. अदालत ने निगम का तोड़फोड़ संबंधी आदेश रद्द कर दिया. यह फैसला चार दुकानदारों की याचिका पर सुनाया गया.
कोर्ट ने क्या कहा?
न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत ने कहा कि नगर निगम कोई भी कार्रवाई सिर्फ कानून और तय प्रक्रिया के तहत ही कर सकता है. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि निगम ने एक ऐसे व्यक्ति के नाम नोटिस जारी किया था, जिसकी पहले ही मौत हो चुकी थी.
सभी दुकानदारों को नहीं मिला नोटिस
अदालत ने यह भी कहा कि निगम को पता था कि वहां आठ दुकानें चल रही हैं. इसके बावजूद सभी दुकानदारों को नोटिस नहीं दिया गया. कोर्ट ने इसे प्रक्रिया में बड़ी कमी माना.
नगर निगम ने जालान रोड की एक जमीन दो लोगों को आवंटित की थी. बाद में निगम की अनुमति से वहां आठ दुकानों का निर्माण हुआ. कुछ समय बाद निगम ने जमीन खाली करने का नोटिस जारी कर दुकानों को हटाने की तैयारी शुरू कर दी.
दुकानदार पहुंचे हाई कोर्ट
नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ श्याम लाल अग्रवाल, बाल गोविंद अग्रवाल, सुशील कुमार जालान और अभिषेक अजमेरा ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने निगम का आदेश रद्द कर दिया. कोर्ट ने कहा कि भविष्य में कोई भी कदम उठाने से पहले सभी कानूनी नियमों का पालन करना होगा.