Current News : कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस की रैली के बाद मंच के कथित शुद्धीकरण को लेकर नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके रैली स्थल से जाने के बाद मंच को गंगाजल से धोकर और हवन कर शुद्धीकरण किया गया। खड़गे ने इसे छुआछूत का अहसास कराने और अपना अपमान करने वाला कदम बताया।
खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि वह इस मामले को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहते। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी किसी से यह नहीं कहा कि वह दलित हैं और उनकी रक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि उनमें लड़ने की शक्ति है और वह लड़ते हैं, लेकिन हल्द्वानी में मंच का शुद्धीकरण कर उन्हें छुआछूत का अहसास कराया गया, जो उनका घोर अपमान है।
दोषियों की गिरफ्तारी की मांग, नड्डा ने घटना की निंदा की
खड़गे ने राज्यसभा में भी इस मुद्दे को उठाते हुए मंच का शुद्धीकरण करने वालों के खिलाफ अस्पृश्यता अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने घटना की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
मामला 8 अगस्त का है, जब खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की जनसभा को संबोधित किया था। आरोप है कि उनके जाने के बाद कथित तौर पर भाजपा से जुड़े कुछ दक्षिणपंथी संगठनों ने गंगाजल से मंच को धोकर हवन किया।
खड़गे के बयान के बाद राज्यसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन इस मुद्दे पर हंगामा हुआ। सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि भाजपा इस तरह की गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। उन्होंने मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया। राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने भी घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि छुआछूत से बड़ा कोई पाप नहीं है। सभापति ने सरकार को निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया।