Ranchi News : झिरी कचरा डंपिंग यार्ड में जमा कचरे के निपटारे को लेकर झारखंड हाई कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। कोर्ट ने रांची नगर निगम को कचरा प्रबंधन का बाकी काम जल्द पूरा करने और 17 सितंबर तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
सुनवाई के दौरान कचरा प्रबंधन का काम कर रहे ठेकेदार की ओर से बताया गया कि झिरी में कचरा मैनेजमेंट का 96 फीसदी काम पूरा हो चुका है। अब सिर्फ 4 फीसदी काम बाकी है, जिसे अगले 15 दिनों में पूरा करने का दावा किया गया। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने की।
झिरी में जमा है 22 लाख टन कचरे का पहाड
रांची के रातू इलाके में स्थित झिरी डंपिंग यार्ड में कई सालों से शहर का कचरा जमा किया जा रहा है। लगातार कचरा डंप होने के कारण यहां करीब 22 लाख टन कचरे का बडा ढेर बन गया है। इससे आसपास के इलाकों में प्रदूषण की समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कचरे के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड रहा है और इसका असर स्वास्थ्य पर भी पड रहा है।
कोर्ट ने कहा कि झिरी में कचरे की समस्या गंभीर है और नगर निगम को इस दिशा में तेजी से काम करने की जरूरत है। कोर्ट ने बाकी काम को जल्द पूरा कर निर्धारित समय पर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
दो साल में कचरा खत्म करने का था लक्ष्य
नगर निगम ने 31 जनवरी 2024 को झिरी में जमा कचरे के निपटारे के लिए मेसर्स गुरु रामदास कंस्ट्रक्शन के साथ करार किया था। समझौते के तहत दो साल के भीतर डंपिंग यार्ड में जमा पुराने कचरे को खत्म करने का लक्ष्य रखा गया था।
हालांकि अब तक करीब 3.5 लाख टन कचरे का ही निपटारा हो पाया है। दूसरी ओर शहर से रोजाना नया कचरा झिरी पहुंच रहा है। इससे कचरे का ढेर कम करने की चुनौती बनी हुई है।
नगर निगम ने पहले कोर्ट को बताया था कि झिरी में रोज करीब 8 से 9 मीट्रिक टन कचरे का निपटारा किया जा रहा है। अब कोर्ट के निर्देश के बाद नगर निगम को बाकी काम तेजी से पूरा कर रिपोर्ट दाखिल करनी होगी।
स्थानीय लोग लंबे समय से झिरी डंपिंग यार्ड को आबादी से दूर ले जाने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में अब 17 सितंबर को दाखिल होने वाली अनुपालन रिपोर्ट पर सभी की नजर रहेगी।