Jamshedpur: जमशेदपुर के बागबेड़ा थाना क्षेत्र में 29 जुलाई को गंभीर हालत में मिले 28 वर्षीय आशीष कुमार की पटना के रूबन मेमोरियल अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. आशीष को बागबेड़ा कॉलोनी रोड नंबर-3 स्थित एक मकान से घायल अवस्था में बरामद किया गया था. घटना के बाद उसे पहले स्थानीय स्तर पर इलाज के लिए ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर पटना रेफर किया गया था. आशीष की मौत के बाद पुलिस के सामने अब घटना की पूरी कड़ी जोड़ने और विवाद में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट करने की चुनौती खड़ी हो गई है. शुरुआती जांच में मामला प्रेम संबंध से जुड़े विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है.
घर के अंदर घायल मिला था आशीष
29 जुलाई की सुबह बागबेड़ा के एक मकान से शोर सुनने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी. मौके पर पहुंची पुलिस को आशीष घर के अंदर बेहोशी की हालत में मिला. उसकी हालत को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अस्पताल पहुंचाया. बाद में बेहतर इलाज के लिए उसे पटना के रूबन मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई.
मेडिकल रिपोर्ट में कई गंभीर चोटों का जिक्र
रूबन मेमोरियल अस्पताल के चिकित्सा प्रमाणपत्र में आशीष के शरीर पर गंभीर चोटों से जुड़ी चिकित्सकीय जटिलताओं का उल्लेख किया गया है. रिपोर्ट में पेल्विक हड्डियों में फ्रैक्चर के अलावा फेफड़ों से जुड़ी गंभीर परेशानी, संक्रमण, किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होने और प्लेटलेट्स कम होने जैसी स्थितियां दर्ज हैं. मृत्यु के तरीके के संबंध में चिकित्सा दस्तावेज में जांच लंबित होने की स्थिति दर्ज की गई है. मौत के वास्तविक कारण और घटना की परिस्थितियों को लेकर पुलिस आगे की जांच कर रही है.
डेढ़ साल से युवती से संबंध की बात
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आशीष का बागबेड़ा की एक युवती से करीब डेढ़ वर्ष से संबंध था. बताया गया है कि युवती के कहने पर आशीष उसके साथ रह रहा था. इसी दौरान आशीष के कुछ समय के लिए बाहर जाने के बाद युवती पर कमरे से दो लाख रुपये नकद, स्कूटी और अन्य सामान लेकर चले जाने का आरोप लगाया गया था. बाद में युवती के फोन करने पर आशीष दोबारा जमशेदपुर आया था. इसके बाद ही विवाद की घटना सामने आई. पुलिस फिलहाल युवती पर लगे इन आरोपों और दावों की सत्यता की जांच में जुटी है।
परिवार ने डिजिटल साक्ष्यों की जांच की मांग की
आशीष की मौत के बाद उसके परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है. परिवार चाहता है कि मोबाइल फोन में मौजूद बातचीत, कॉल डिटेल, बैंक लेन-देन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जाए. परिजनों का मानना है कि इन साक्ष्यों से घटना से पहले की परिस्थितियों और विवाद से जुड़े लोगों की भूमिका समझने में मदद मिल सकती है.
युवती के पिता पहले ही गिरफ्तार
पुलिस इस मामले में युवती के पिता को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है. अब आशीष की मौत के बाद जांच का दायरा और महत्वपूर्ण हो गया है. पुलिस चिकित्सकीय दस्तावेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बना रही है. सभी पहलुओं की पड़ताल के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है.