Palamu News: हथियार बरामदगी और फायरिंग से जुड़े मामलों की जांच में लापरवाही सामने आने के बाद पलामू रेंज के डीआईजी किशोर कौशल ने पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू कर दी है. समीक्षा के दौरान अनुसंधान में गंभीर कमियां मिलने पर एक डीएसपी और चार सब इंस्पेक्टर को शोकॉज जारी किया गया है.
डीआईजी ने मेदिनीनगर टाउन, मेदिनीनगर सदर और चैनपुर थाना क्षेत्रों में दर्ज आर्म्स एक्ट और फायरिंग से जुड़े मामलों की समीक्षा की. टाउन थाना क्षेत्र के पांच, सदर थाना क्षेत्र के तीन और चैनपुर थाना क्षेत्र के तीन मामलों की जांच की गई. इनमें से ज्यादातर मामले सुजीत सिन्हा गिरोह से जुड़े बताए गए हैं.
कई मामलों में आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर
समीक्षा के दौरान पुलिस अधिकारियों ने पाया कि कुछ मामलों में घटना के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. कई केस में अनुसंधान की गति भी संतोषजनक नहीं मिली. कुछ मामलों में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किए जाने के बावजूद वारदात में शामिल अन्य संदिग्धों के खिलाफ आगे की कार्रवाई नहीं की गई थी. डीआईजी ने इसे जांच प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही माना है.
चार सब इंस्पेक्टर से मांगा गया स्पष्टीकरण
अनुसंधान में लापरवाही को लेकर सदर थाना में पूर्व में पदस्थापित सब इंस्पेक्टर कौलेश्वर प्रसाद से जवाब मांगा गया है. इसके अलावा मेदिनीनगर टाउन थाना में तैनात रह चुके और वर्तमान में हैदरनगर थाना प्रभारी तंजीलूल मन्नान, टाउन थाना में पदस्थापित रहे तथा वर्तमान में किशनपुर ओपी प्रभारी चंद्रशेखर यादव और टाउन थाना में तैनात सब इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को भी शोकॉज किया गया है.
जेल से बाहर आए अपराधियों की निगरानी पर भी सवाल
समीक्षा में यह भी सामने आया कि जेल से बाहर आने वाले अपराधियों की गतिविधियों पर पुलिस की निगरानी प्रभावी तरीके से नहीं हो रही थी. डीआईजी ने यह भी पाया कि गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल आरोपियों के खिलाफ सीसीए लगाने के प्रस्ताव समय पर नहीं भेजे जा रहे थे. इसके अलावा कई मामलों की रिपोर्ट डीएसपी स्तर पर महीनों से लंबित पड़ी थी.
डीएसपी स्तर पर लंबित रिपोर्ट को लेकर निर्देश
डीआईजी किशोर कौशल ने कहा कि समीक्षा के दौरान आर्म्स एक्ट और फायरिंग से जुड़े मामलों के अनुसंधान में लापरवाही सामने आई है. इसी आधार पर संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है. उन्होंने बताया कि मुकदमों की रिपोर्ट को लेकर एसडीपीओ को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं.