Chatra: चतरा के वशिष्ठ नगर थाना क्षेत्र में सरस्वती ज्वेलर्स के मालिक मृत्युंजय कुमार वर्मा के साथ हुई लूट और फायरिंग की घटना में पुलिस को सफलता मिली है. पुलिस ने मामले में तीन युवकों को गिरफ्तार किया है. इनके पास से वारदात में इस्तेमाल देशी कट्टा, एक जिंदा कारतूस और अपाची बाइक बरामद की गई है.
7 अगस्त की रात हुई थी वारदात
पुलिस के मुताबिक, 7 अगस्त की रात करीब 8:15 बजे मृत्युंजय कुमार वर्मा कस्तूरबा विद्यालय प्रतापपुर मोड़, जोरी के पास से गुजर रहे थे. इसी दौरान अपराधियों ने उन्हें रोककर मोबाइल फोन और सोने की चेन छीन ली. लूट के बाद आरोपियों ने फायरिंग की और वहां से भाग निकले. घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और अपराधियों की पहचान के लिए विशेष टीम को लगाया गया.
मौके पर छूटी चप्पल बनी अहम सुराग
जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल के पास अपराधियों की एक जोड़ी चप्पल मिली. छानबीन में इनमें से एक जोड़ी को अमित कुमार से जोड़कर देखा गया. इसके बाद पुलिस ने इस सुराग को आधार बनाकर अन्य जानकारी जुटाई और संदिग्धों तक पहुंचने का प्रयास तेज किया.
एसपी अनिमेष नैथानी के निर्देश पर डीएसपी मुख्यालय सुनील कुमार सिंह की अगुवाई में गठित टीम ने कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की. इसी कार्रवाई के दौरान 11 अगस्त को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.
तीनों आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमित कुमार, बीटु कुमार और रोहित कुमार के रूप में हुई है. अमित कुमार 24 वर्ष का है और हंटरगंज थाना क्षेत्र के परासिया गांव का निवासी है. बीटु कुमार की उम्र करीब 18 वर्ष है और वह छोटकी जोरी का रहने वाला है. वहीं करीब 18 वर्षीय रोहित कुमार करैलीबार गांव का निवासी है. पुलिस का कहना है कि अमित कुमार से पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया देशी कट्टा, जिंदा कारतूस और अपाची मोटरसाइकिल बरामद की गई.
अमित पर पहले से दर्ज हैं मामले
पुलिस के अनुसार, अमित कुमार का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से रहा है. हंटरगंज थाना में वर्ष 2021 में उसके खिलाफ डकैती का मामला दर्ज हुआ था. इसके अलावा बिहार के शेरघाटी थाना और बहेरा ओपी में भी उसके खिलाफ मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है.
पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जानकारी
डीएसपी मुख्यालय सुनील कुमार सिंह ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कार्रवाई की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी तक पहुंचने में घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के साथ पुलिस की लगातार जांच और छापेमारी की भूमिका रही. पुलिस अब गिरफ्तार तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है. लूटे गए सामान और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है.