कांवड़ियों की गाड़ियों में क्षमता से ज्यादा सवारी पर सख्ती
परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि कांवड़ियों और अन्य श्रद्धालुओं को लेकर चलने वाले वाहनों में क्षमता से अधिक सवारी बैठाने की अनुमति नहीं होगी. ओवरलोडिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. विभाग ने सभी जिलों को मुख्य सचिव की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ किसी तरह का समझौता न हो.
ब्लैक स्पॉट पर साइन बोर्ड और बैरिकेडिंग से बढ़ाई जाएगी सुरक्षा
देवघर और बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर जाने वाले प्रमुख राजमार्गों और संपर्क मार्गों पर पुलिस और प्रशासन की निगरानी बढ़ाई जाएगी. रांची समेत राज्यभर में चिन्हित दुर्घटना संभावित क्षेत्रों यानी ब्लैक स्पॉट्स पर विशेष सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं. इन जगहों पर साइन बोर्ड, जरूरी संकेतक और मजबूत बैरिकेडिंग लगाने के निर्देश दिए गए हैं. इसका उद्देश्य खास तौर पर रात के समय होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को कम करना है.
होल्डिंग पॉइंट्स पर अधिकारी संभालेंगे ट्रैफिक व्यवस्था
श्रावणी मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए प्रमुख रास्तों पर होल्डिंग पॉइंट्स तैयार किए गए हैं. इन स्थानों पर प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती रहेगी. जैसे ही किसी मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ेगा, अधिकारी मौके पर पहुंचकर व्यवस्था संभालेंगे और जरूरत पड़ने पर रूट डायवर्जन लागू किया जाएगा. पूरे मार्ग की लगातार निगरानी की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को लंबे समय तक ट्रैफिक जाम में न फंसना पड़े.
ड्राइविंग लाइसेंस और ई चालान के लंबित मामलों की भी समीक्षा
समीक्षा बैठक में सिर्फ श्रावणी मेले की तैयारियों पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि परिवहन विभाग के नियमित कामकाज की भी समीक्षा की गई. बैठक में राजस्व संग्रह की स्थिति, ड्राइविंग लाइसेंस शिविरों की प्रगति, लंबित फाइलों के निपटारे और ई चालान से जुड़े लंबित मामलों की जानकारी ली गई.
28 अगस्त तक चलेगा श्रावणी मेला
इस वर्ष श्रावण मास 30 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक चलेगा. मेले की पूरी अवधि में राज्य का प्रशासन और परिवहन विभाग अलर्ट मोड पर रहेगा. सरकार का फोकस श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही, सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने पर है. परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि बाबा धाम पहुंचने वाले सभी शिवभक्तों की सुरक्षा राज्य प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.