CID Investigation JPSC: 14वीं JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच के बीच आरोपी अभय कुमार तिवारी, श्वेता गुप्ता समेत तीन लोगों की जमानत याचिकाओं पर अदालत में सुनवाई हुई. मामले की जांच कर रही CID की ओर से कोर्ट में केस डायरी उपलब्ध नहीं कराई जा सकी. इसके बाद जांच एजेंसी ने दस्तावेज पेश करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा.
अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने CID को केस डायरी दाखिल करने का निर्देश दिया है. अब इस मामले में अगली सुनवाई 25 जुलाई को होगी. केस डायरी पेश होने के बाद ही आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर आगे की सुनवाई की दिशा स्पष्ट होगी.
पिछली बार भी कोर्ट ने मांगी थी जांच से जुड़ी रिपोर्ट
जमानत याचिका पर पिछली सुनवाई के दौरान भी अदालत ने जांच एजेंसी से केस डायरी पेश करने को कहा था. हालांकि, इस बार भी CID की ओर से इसे दाखिल नहीं किया जा सका. ऐसे में अदालत ने एजेंसी को एक और मौका दिया है.
इस मामले में अभय कुमार तिवारी और श्वेता गुप्ता समेत कुल तीन आरोपियों ने जमानत के लिए अदालत में आवेदन दिया है.
गोड्डा से पकड़ा गया था अभय तिवारी
14वीं JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान अभय कुमार तिवारी को 22 जुलाई को गोड्डा से गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी के समय वह गोड्डा में खाद्य आपूर्ति विभाग में कार्यरत था.
जांच में अभय के पुराने पेशेवर जुड़ाव को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. वह पहले परीक्षा आयोजन से संबंधित TDPL कंपनी में मार्केटिंग मैनेजर के तौर पर काम कर चुका है. जांच एजेंसी के अनुसार, संबंधित कंपनी को बाद में ब्लैकलिस्ट किया गया था.
TDPL में रहते चार बार JPSC परीक्षा पास करने का दावा
जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई है कि TDPL में नौकरी करने के दौरान अभय तिवारी ने चार बार JPSC की परीक्षा पास की थी. इसी वजह से जांच एजेंसी उसकी भूमिका और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े संभावित संपर्कों की पड़ताल कर रही है.
अब अदालत के सामने अगली सुनवाई में CID को केस डायरी पेश करनी होगी. इसके बाद आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर आगे की कानूनी प्रक्रिया बढ़ेगी.