CAG Report Jharkhand: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में राज्य से जुड़ी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी CAG की पांच रिपोर्टें सदन के पटल पर रखी जाएंगी. इन रिपोर्टों के जरिए सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और राज्य की वित्तीय स्थिति से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आएंगे.
इनमें जल जीवन मिशन, मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी प्रमुख केंद्रीय योजनाओं से संबंधित रिपोर्ट शामिल हैं. रिपोर्टों में इन योजनाओं के तहत तय लक्ष्यों, उनके क्रियान्वयन और लाभुकों तक पहुंची सुविधाओं से जुड़ी जानकारी दी गई है.
योजनाओं पर खर्च और अनियमितताओं का भी होगा उल्लेख
CAG की रिपोर्टों में संबंधित योजनाओं पर सरकार की ओर से किए गए खर्च का भी ब्योरा शामिल है. इसके साथ ही योजना के क्रियान्वयन के दौरान सामने आई संभावित कमियों और वित्तीय अनियमितताओं की जानकारी भी सदन के सामने आ सकती है. रिपोर्टों के पेश होने के बाद यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि विभिन्न योजनाओं के लिए आवंटित राशि का कितना और किस तरह इस्तेमाल किया गया.
राजस्व और राज्य की वित्तीय स्थिति पर भी रिपोर्ट
पांच रिपोर्टों में कुछ रिपोर्टें झारखंड की वित्तीय स्थिति और राजस्व से जुड़े विषयों पर केंद्रित हैं. इन दस्तावेजों को विधानसभा में पेश किए जाने को राज्य कैबिनेट की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है.
सदन में उठ सकते हैं खर्च और योजनाओं के सवाल
मानसून सत्र में CAG की रिपोर्टें पेश होने के बाद विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच योजनाओं के क्रियान्वयन, सरकारी खर्च और वित्तीय प्रबंधन को लेकर चर्चा होने की संभावना है. रिपोर्टों में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर सरकार से विभिन्न योजनाओं और खर्च को लेकर सवाल भी पूछे जा सकते हैं.