JPSC-JSSC Controversy: JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर झारखंड में जारी सियासी टकराव सोमवार को और तेज हो गया. भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास के बाहर प्रदर्शन किया. पुलिस ने मौके से कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर खेलगांव स्थित कैंप जेल भेज दिया.
हटिया विधायक नवीन जायसवाल ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं को पहले एक कमरे में रखा गया और इसके बाद हिरासत में ले लिया गया. उनके मुताबिक, हिरासत में लिए गए लोगों में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, सीपी सिंह और वह खुद भी शामिल हैं. उन्होंने दावा किया कि 25 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया.
नवीन जायसवाल बोले:- कार्रवाई से आंदोलन नहीं रुकेगा
नवीन जायसवाल ने आरोप लगाया कि सरकार पुलिस की कार्रवाई के जरिए भाजपा नेताओं और आंदोलन कर रहे छात्रों की आवाज दबाना चाहती है. उन्होंने कहा कि नेताओं को हिरासत में लेने से युवाओं की नाराजगी खत्म नहीं होगी, बल्कि इससे आंदोलन और मजबूत होगा.
बाबूलाल मरांडी ने सरकार से गंभीरता दिखाने को कहा
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड के युवा पिछले 18 दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. उनके मुताबिक, सरकार को छात्रों की समस्याओं पर गंभीरता से बातचीत करनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है.
CBI जांच की मांग पर BJP अड़ी
भाजपा नेताओं ने कहा कि JPSC और JSSC की विवादित परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच के लिए CBI को जांच सौंपना जरूरी है. वहीं आंदोलन कर रहे छात्र भी विवादित परीक्षाओं को रद्द करने और पूरे मामले की CBI जांच की मांग कर रहे हैं.
भाजपा ने कहा कि छात्रों को न्याय मिलने तक वह उनके मुद्दे पर आंदोलन जारी रखेगी.