Jharkhand Assembly: झारखंड विधानसभा में अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान विधायक राजेश कच्छप ने छात्रों के आंदोलन, प्रतियोगी परीक्षाओं, छात्रवृत्ति, पेंशन और रांची की खराब सड़कों समेत कई मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा. उन्होंने छात्र आंदोलन को लेकर भाजपा पर राजनीति करने का आरोप भी लगाया.
कच्छप ने कहा कि JPSC की परीक्षाओं में यदि किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो सरकार उसकी जांच कराने से पीछे नहीं हटेगी. जरूरत पड़ने पर ED से भी जांच कराई जा सकती है. उन्होंने कहा कि JSSC-CGL परीक्षा में भी गड़बड़ी के तथ्य सामने आते हैं तो सरकार मामले की जांच कराएगी.
बाबूलाल मरांडी पर भी साधा निशाना
विधायक ने भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी को भी अपने निशाने पर लिया. उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की समस्याओं का समाधान तलाशने के बजाय भाजपा की ओर से कार्यकर्ताओं और कोचिंग संचालकों को सामने लाकर सरकार के खिलाफ माहौल तैयार किया जा रहा है.
कोरोना काल में सरकार के काम गिनाए
अपने संबोधन में राजेश कच्छप ने कोरोना महामारी के दौर का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि उस समय गठबंधन सरकार ने ऑक्सीजन, गैस सिलेंडर और रेमडेसिविर जैसी जरूरी चीजों की उपलब्धता सुनिश्चित की थी. उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने प्रवासी मजदूरों को विमान, ट्रेन और बसों के जरिए उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की थी.
छात्रवृत्ति और पेंशन का मुद्दा उठाया
कच्छप ने केंद्र सरकार से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए ST, SC और OBC वर्ग के छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति तथा वृद्धावस्था पेंशन का सवाल भी सदन में उठाया. उन्होंने इन योजनाओं को लेकर सरकार से आवश्यक पहल की जरूरत बताई.
रांची की सड़कों के लिए अलग फंड की मांग
रांची में खराब सड़कों का मुद्दा उठाते हुए विधायक ने कहा कि शहर की कई सड़कें 10 से 15 साल पुरानी हो चुकी हैं और जगह-जगह उनकी हालत खराब है. उन्होंने वित्त मंत्री से पुराने पैकेजिंग सिस्टम को दोबारा लागू करने की मांग की. साथ ही जर्जर सड़कों की मरम्मत के लिए अनुपूरक बजट में अलग से राशि आवंटित करने की मांग रखी.
अपने भाषण के अंत में राजेश कच्छप ने दावा किया कि 2029 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और उसके सहयोगी दलों को जनता अपने तरीके से जवाब देगी.