BREAKING: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच के बीच CID ने आयोग के पूर्व चेयरमैन और राज्य के पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांगते को गिरफ्तार कर लिया है. उन पर परीक्षा संचालन का काम टीडीपीएल (TDPL) को दिलाने के बदले 2 करोड़ रुपये की डील और 20 प्रतिशत कमीशन से जुड़े आरोप हैं. जांच के दौरान सामने आए इन आरोपों के बाद पूर्व चेयरमैन पर CID की कार्रवाई को मामले में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है.
एल. ख्यांग्ते पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर दो करोड़ रुपये लेकर परीक्षा आयोजन का काम TDPL कंपनी को दिलाया था. यह भी दावा किया जा रहा है कि इस पूरी वसूली में उन्हें 20 फीसदी कमीशन मिलता था. जांच के दौरान नियुक्ति घोटाले के कथित मुख्य आरोपी अभय तिवारी के बयान में इन आरोपों का उल्लेख किए जाने की बात सामने आई है.
गौरतलब है कि JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते ने 22 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दिया था. इसके बाद मामले की जांच कर रही CID ने उन्हें नोटिस जारी कर 28 जुलाई को पूछताछ के लिए बुलाया. इसके बाद उनसे लगातार कई दौर में पूछताछ की गई.
पूछताछ के दौरान CID ने पहले दिन करीब आठ घंटे तक एल. ख्यांग्ते से सवाल-जवाब किए. दूसरे दिन भी लगभग नौ घंटे तक पूछताछ चली. इसके बाद 31 जुलाई को जांच एजेंसी ने उन्हें तीसरी बार बुलाया और करीब नौ घंटे तक उनसे पूछताछ की. इसी बीच 9 अगस्त को JPSC के तीनों सदस्यों ने भी अपने पदों से इस्तीफा दे दिया, जिन्हें अब CID ने पूछताछ के लिए तलब किया है.
सरकारी आवास और JPSC कार्यालय में भी हुई थी तलाशी
एल. ख्यांग्ते को पूछताछ के लिए बुलाने से पहले CID की टीम ने कांके रोड स्थित उनके सरकारी आवास और JPSC कार्यालय में उनके कमरे की तलाशी ली थी. करीब पांच घंटे चली इस कार्रवाई में जांच अधिकारियों ने कई दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों की पड़ताल की. इस दौरान जांच से जुड़े जरूरी साक्ष्य भी जब्त किए गए थे.
TDPL के दफ्तर में भी CID ने की जांच
CID ने JPSC कार्यालय के अलावा परीक्षा संचालन का जिम्मा संभालने वाली निजी एजेंसी TSR Data Processing Private Limited यानी TDPL के कार्यालय की भी तलाशी ली थी. JPSC कार्यालय से भर्ती परीक्षाओं से संबंधित दस्तावेज, OMR शीट और कंप्यूटर में मौजूद डिजिटल सामग्री जांच एजेंसी ने अपने कब्जे में ली थी. TDPL के कार्यालय से भी परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अहम रिकॉर्ड और दस्तावेज बरामद किए गए थे.
अब तक 11 गिरफ्तार, पांच आरोपी रिमांड पर
इस मामले में CID अब तक JPSC की तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता समेत 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. इनमें पांच आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है. जांच एजेंसी परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, पैसों के लेन-देन और पूरे नेटवर्क में शामिल लोगों की भूमिका को लेकर अलग-अलग पहलुओं की पड़ताल कर रही है.