Hazaribagh: हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की व्यवस्थाओं को परखने के लिए उपायुक्त हेमन्त सती ने शनिवार को अचानक अस्पताल का निरीक्षण किया. करीब-करीब सभी प्रमुख चिकित्सा और मरीज सुविधा केंद्रों का जायजा लेते हुए उन्होंने अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने और मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने फार्मेसी सेंटर, जन औषधि केंद्र, पैथोलॉजी, एमटीसी, ओपीडी, एक्स-रे, रेडियोलॉजिस्ट और अल्ट्रासाउंड कक्ष समेत कई विभागों का जायजा लिया.
मरीजों से सीधे जानी दवा व्यवस्था की स्थिति
जन औषधि केंद्र और फार्मेसी सेंटर में दवा लेने पहुंचे मरीजों से उपायुक्त ने बातचीत की. उन्होंने उनकी समस्याएं सुनीं और दवा की पर्चियों को भी देखा. जन औषधि केंद्र को दूसरे उपयुक्त स्थान पर शिफ्ट करने का निर्देश दिया गया. वहीं, मरीजों की भीड़ कम करने और दवा वितरण को आसान बनाने के लिए फार्मेसी सेंटर की दवा वितरण व्यवस्था को अस्पताल परिसर के पांच अलग-अलग स्थानों से संचालित करने को कहा गया. वर्तमान में फार्मेसी सेंटर से मरीजों को निःशुल्क दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.
एमटीसी में दवा लिखने के तरीके पर मांगा स्पष्टीकरण
एमटीसी केंद्र की जांच के दौरान उपायुक्त ने वहां की व्यवस्थाओं और रिकॉर्ड की समीक्षा की. दवा लिखने में बिना स्टाम्प के साथ ही गैर जिम्मेदाराना तरीके के इस्तेमाल की बात सामने आने पर उन्होंने डीआरसीएचओ से स्पष्टीकरण लेने का निर्देश दिया. इसके अलावा एमटीसी केंद्र के रजिस्टर और खर्च से संबंधित पूरा विवरण भी प्रस्तुत करने को कहा गया.
पैथोलॉजी में लापरवाही पर कर्मी बदलने का निर्देश
पैथोलॉजी विभाग और ब्लड सैंपल कलेक्शन सेंटर की कार्यप्रणाली की भी जांच की गई. मरीजों को मिल रही सुविधाओं और कर्मचारियों के कामकाज की जानकारी लेने के दौरान लापरवाही सामने आने पर रजिस्ट्रेशन सेंटर में तैनात कर्मी को हटाकर दूसरे कर्मचारी को ड्यूटी देने का निर्देश दिया गया. उपायुक्त ने मरीजों के लिए जांच शुल्क जमा करने की ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन सुविधा भी बनाए रखने को कहा. भुगतान व्यवस्था को सुचारू करने के लिए काउंटरों की संख्या बढ़ाने और सभी जांचों के नाम क्रमवार व स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया. ब्लड सैंपल कलेक्शन सेंटर को भी मरीजों के लिए अधिक उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने को कहा गया.
अस्पताल में साइन बोर्ड और माइकिंग की होगी व्यवस्था
अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों को विभिन्न विभागों की जानकारी आसानी से मिल सके, इसके लिए पर्याप्त साइनएज लगाने का निर्देश दिया गया. इसके साथ ही माइकिंग सिस्टम की व्यवस्था करने को भी कहा गया. उपायुक्त ने अस्पताल परिसर को दलालों से पूरी तरह मुक्त रखने पर विशेष जोर दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी अधिकारी या कर्मचारी की दलालों के साथ मिलीभगत सामने आने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड व्यवस्था की भी समीक्षा
सीआर कक्ष, एक्स-रे, रेडियोलॉजिस्ट और अल्ट्रासाउंड कक्ष में उपायुक्त ने संबंधित रजिस्टरों के साथ आय-व्यय का भी अवलोकन किया. एक्स-रे मशीनों की उपलब्धता, उनके इस्तेमाल, तकनीशियनों की तैनाती और मशीनों की जिम्मेदारी समेत तकनीकी पहलुओं पर अधिकारियों से जानकारी ली गई. अस्पताल के लिए नई एक्स-रे मशीन, अल्ट्रासाउंड और सीपीआरओ मशीन उपलब्ध कराने की बात उपायुक्त ने कही. वहीं, खराब पड़ी एक्स-रे मशीनों को जल्द ठीक कराने का निर्देश दिया.
ड्यूटी और पार्किंग व्यवस्था में भी सुधार के निर्देश
उपायुक्त ने अस्पताल के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से पालन करने को कहा. चिकित्सकों, नर्सों और अन्य कर्मियों को निर्धारित यूनिफॉर्म में ही ड्यूटी करने का निर्देश दिया गया. अस्पताल परिसर की पार्किंग व्यवस्था को भी व्यवस्थित करने की योजना है. इसके लिए पार्किंग को अस्पताल परिसर से बाहर करने और ट्रैफिक डीएसपी के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया. निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त रिया सिंह, मेडिकल सुपरिटेंडेंट, सिविल सर्जन सहित अस्पताल के अन्य पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे.