Ranchi Protest: किसान, मजदूर और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ 10 अगस्त को देशभर में विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है. संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर प्रस्तावित रास्ता रोको-रेल रोको आंदोलन का असर झारखंड में भी देखने को मिलेगा. राजधानी रांची में अल्बर्ट एक्का चौक पर शाम 4 बजे से 7 बजे तक सड़क जाम कर विरोध जताया जाएगा.
आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम में किसान और मजदूरों के साथ महिलाएं, छात्र और युवा भी हिस्सा लेंगे. आंदोलन को लेकर रणनीति और तैयारियों की जानकारी देने के लिए भाकपा के राज्य कार्यालय में प्रेस वार्ता की गई. इसमें भाकपा प्रदेश सचिव महेंद्र पाठक, किसान सभा के प्रदेश संयोजक भंते जैनेंद्र तथागत और सीटू के प्रतीक मिश्रा समेत कई संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे.
मजदूरों के लिए 26 हजार न्यूनतम मजदूरी की मांग
आंदोलन के जरिए श्रमिक संगठनों ने चारों श्रम कानूनों को वापस लेने की मांग की है. उनका कहना है कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों के लिए कम से कम 26 हजार रुपये की न्यूनतम मजदूरी तय की जानी चाहिए.
संगठनों ने काम की अवधि को लेकर भी बदलाव की मांग की है. उनके मुताबिक मजदूरों से 12 घंटे के बजाय अधिकतम 8 घंटे काम लिया जाना चाहिए. झारखंड में भूमि बैंक व्यवस्था खत्म करने की मांग भी आंदोलन के एजेंडे में शामिल है.
किसानों के लिए MSP की कानूनी गारंटी का मुद्दा
किसान संगठनों ने फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP को कानूनी अधिकार बनाने की मांग की है. इसके अलावा किसानों, महिलाओं और छात्रों के कर्ज माफ करने की मांग भी उठाई गई है.
विस्थापन की समस्या को लेकर संगठनों ने ऐसी नीति बनाने की मांग की है, जिसमें प्रभावित लोगों के पुनर्वास की स्पष्ट व्यवस्था हो. मनरेगा में भी बदलाव की मांग करते हुए साल में 250 दिन रोजगार और 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी की गारंटी देने की बात कही गई है.
JPSC और JSSC के मुद्दे भी आंदोलन में शामिल
झारखंड के स्थानीय मुद्दों को भी 10 अगस्त के आंदोलन से जोड़ा गया है. संगठनों ने JPSC की विवादित परीक्षा को रद्द करने और JSSC पेपर लीक मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है.
आंदोलनकारियों ने कहा कि रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे सीधे राज्य के युवाओं के भविष्य से जुड़े हैं, इसलिए इन्हें भी आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में शामिल किया गया है.
भाकपा ने कार्यकर्ताओं को सड़क पर उतरने का दिया निर्देश
भाकपा प्रदेश सचिव महेंद्र पाठक ने कहा कि पार्टी किसान और मजदूरों के आंदोलन का समर्थन करेगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी के कार्यकर्ता भी 10 अगस्त को कार्यक्रम में सक्रिय रूप से शामिल होंगे.
किसान सभा के प्रदेश संयोजक भंते जैनेंद्र तथागत ने सरकार पर किसानों और मजदूरों के साथ युवाओं तथा महिलाओं के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया. उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आ रही कथित गड़बड़ियों को भी गंभीर मुद्दा बताया.
सीटू की ओर से भी संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों से आंदोलन में भाग लेने की अपील की गई है. आयोजकों ने बताया कि रांची के अलावा झारखंड के दूसरे हिस्सों में भी 10 अगस्त को आंदोलन को प्रभावी बनाने की तैयारी चल रही है.