Palamu: पलामू के छतरपुर थाना क्षेत्र स्थित देवगन डैम के समीप बीते दिनों मिले धर्मेंद्र राम के शव के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने पूरे मामले की छानबीन करते हुए घटना में शामिल दोनों नामजद आरोपियों अशोक पासवान और सुदेश भुईंया को गिरफ्तार कर लिया है। कानूनी कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
मछली के बंटवारे को लेकर हुआ था झगड़ा
पुलिस जांच में सामने आया कि 31 जुलाई की रात धर्मेंद्र राम अपने दो परिचितों अशोक पासवान और सुदेश भुईंया के साथ देवगन डैम में मछली पकड़ने गया था। तीनों ने मिलकर पानी में जाल बिछाया, लेकिन जाल में फंसी मछलियों के बंटवारे को लेकर उनके बीच आपस में कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर अशोक और सुदेश ने गुस्से में आकर धर्मेंद्र को धक्का दे दिया। धक्का लगने से धर्मेंद्र संतुलन खो बैठा और गहरे पानी में जा गिरा। कुछ देर बाद जब दोनों ने वापस जाकर देखा, तो धर्मेंद्र बेसुध पानी में पड़ा था और बाहर निकालने तक उसकी मौत हो चुकी थी।
पत्नी की शिकायत पर हुई कार्रवाई
धर्मेंद्र की मौत होते ही दोनों आरोपी बुरी तरह घबरा गए। उन्होंने इस हादसे की खबर किसी को भी नहीं दी और चुपचाप मौके से भागकर अपने-अपने घर जाकर सो गए। बाद में मृतक की पत्नी रानी देवी ने छतरपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
एसडीपीओ के नेतृत्व में बनी टीम ने आरोपियों को भेजा जेल
छतरपुर SDPO प्रशांत कुमार की अगुवाई में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया, जिसने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को धर दबोचा। कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। इस छापेमारी अभियान में छतरपुर थाना प्रभारी सौरभ चौबे, पुलिस अवर निरीक्षक धनंजय कुमार गोप और रिजर्व गार्ड के जवान मुख्य रूप से शामिल थे।