Jharkhand Assembly: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान हटिया क्षेत्र के विस्थापितों के पुनर्वास का मामला सदन में उठा. हटिया विधायक नवीन जायसवाल ने कुटे, आनी, मुड़मा, लाबेद और तिरिल क्षेत्र के विस्थापित परिवारों के लिए बनाए गए करीब 400 आवासों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जगन्नाथपुर आनी मौजा में 7 से 8 वर्ष पहले मकान बनकर तैयार हो चुके हैं, लेकिन अब तक पात्र लोगों को उनका आवंटन नहीं किया गया है.
इस पर जवाब देते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि अतिरिक्त भूमि वापसी और पुनर्वास के अधिकार दो अलग-अलग विषय हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (R&R) नीति के तहत पात्र विस्थापितों को उनका अधिकार दिया जाएगा, लेकिन इसका लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा जिनका मूल संबंध संबंधित पंचायत से है.
मंत्री ने कहा कि सरकार ने जांच के दौरान 154 फर्जी लाभुकों की पहचान की है. ऐसे लोगों को किसी भी तरह का लाभ नहीं दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है ताकि वास्तविक विस्थापितों के अधिकार सुरक्षित रह सकें.
सुदिव्य कुमार सोनू ने यह भी कहा कि कुछ अफवाहों के कारण प्रक्रिया प्रभावित होती है, लेकिन सरकार सभी मामलों की जांच कर समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने सदन को भरोसा दिलाया कि पात्र विस्थापितों के लिए तैयार 400 आवासों का आवंटन जल्द किया जाएगा और किसी भी योग्य परिवार के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा.