Jamshedpur News: जमशेदपुर के मानगो क्षेत्र में जमीन के रिकॉर्ड को लेकर एक नया विवाद सामने आया है. मौजा-30, वार्ड संख्या-10 के कई बस्तीवासियों ने भूमि सुधार उप समाहर्ता को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि अंचल कार्यालय ने उनके मकानों का प्लॉट नंबर बदल दिया है, लेकिन इसके पीछे कोई वैधानिक आदेश नहीं है.
लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से मौजा-30, खाता संख्या-312 की जमीन पर रह रहे हैं. उनके अनुसार, पुराने नक्शों, सेटलमेंट रिकॉर्ड और वर्ष 2022 तक के अंचल कार्यालय के दस्तावेजों में सामुदायिक भवन को छोड़कर सभी मकान प्लॉट संख्या 1552 में दर्ज थे. लेकिन वर्ष 2026 में अचानक रिकॉर्ड बदलकर सभी मकानों को प्लॉट संख्या 1553 में दर्ज कर दिया गया है.
लोगों ने अमीन की रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि जमीन की वास्तविक स्थिति, सीमांकन और कब्जे में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है, फिर भी रिकॉर्ड में बदलाव कर दिया गया है, जबकि स्थिति पहले जैसी ही है, तो प्लॉट नंबर बदलने का आधार क्या था.
बस्तीवासियों ने ज्ञापन में मांग की है कि पुराने नक्शे, खतियान, सेटलमेंट अभिलेख और वर्ष 2022 तक के अंचल रिकॉर्ड का मिलान कर पूरे मामले की जांच कराई जाए. साथ ही सभी प्रभावित परिवारों की मौजूदगी में जमीन की दोबारा पैमाइश कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए.
लोगों ने भूमि सुधार उप समाहर्ता से आग्रह किया है कि यदि जांच के दौरान अभिलेखों में किसी प्रकार की त्रुटि या अनियमितता सामने आती है, तो उसे तत्काल दुरुस्त किया जाए और वास्तविक प्लॉट संख्या को सरकारी रिकॉर्ड में फिर से दर्ज कराया जाए. उनका कहना है कि इससे भविष्य में जमीन से जुड़े विवादों से भी बचा जा सकेगा.