समान काम, लेकिन वेतन में बड़ा अंतर
संगठन के अध्यक्ष डॉ. ऋतुराज सिंह ने बताया कि एनएचएम के तहत तैनात आयुष चिकित्सक कई वर्षों से स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें नियमित आयुष चिकित्सकों के समान वेतनमान नहीं दिया जा रहा है. ज्ञापन में कहा गया है कि योजना सह वित्त विभाग के 7 जनवरी 2021 के पत्र में नियमित आयुष और एलोपैथिक चिकित्सकों के वेतन में समानता को उचित माना गया था. ऐसे में अनुबंध आयुष चिकित्सकों को भी समान वेतन का लाभ मिलना चाहिए.
कम वेतन से बढ़ रही परेशानी
डॉ. रीना आजमी ने बताया कि अनुबंध आयुष डॉक्टरों को करीब ₹21,000 प्रतिमाह वेतन मिलता है, जो मौजूदा परिस्थितियों में बेहद कम है. उनका कहना है कि कई डॉक्टरों का मरीजों तक पहुंचने में हर महीने लगभग ₹5,000 तक ईंधन पर खर्च हो जाता है. संगठन ने दावा किया कि दूसरे राज्यों में अनुबंध आयुष चिकित्सकों को इससे बेहतर वेतन मिल रहा है, जबकि झारखंड में वेतनमान अब भी काफी कम है. उन्होंने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग से इस मामले में जल्द फैसला लेने की मांग की.
सरकार से हस्तक्षेप की मांग
आयुष चिकित्सकों ने विधायक सरयू राय से इस मुद्दे को राज्य सरकार के सामने मजबूती से उठाने का आग्रह किया है. ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक और वित्त विभाग को भी भेजी गई है. इस दौरान डॉ. ऋतुराज सिंह, डॉ. रीना आजमी, डॉ. हिदायत, डॉ. शहबाज, डॉ. निगार तरन्नुम, डॉ. उदय प्रकाश, डॉ. अर्चना सिंह, डॉ. सविता कौसर, डॉ. जितेश मुंडा समेत कई आयुष चिकित्सक मौजूद रहे. समाचार लिखे जाने तक सरकार की ओर से इस मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.