कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई सरकार और CJP की बैठक
शुक्रवार को दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में CJP प्रतिनिधिमंडल और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के बीच करीब 10 मिनट तक बातचीत हुई. बैठक के बाद CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि सरकार ने आंदोलन से जुड़े कई मुद्दों पर सकारात्मक रुख अपनाया है.
मुआवजा और FIR वापस लेने के मुद्दे पर सकारात्मक संकेत
सौरभ दास के मुताबिक, सरकार उन परिवारों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए तैयार दिखी है, जिन्होंने इस विवाद से प्रभावित होकर अपने परिजनों को खोया है. इसके अलावा आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग पर भी सरकार का रुख सकारात्मक बताया गया.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर मांगा समय
CJP ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग अब भी संगठन की प्रमुख शर्त बनी हुई है. संगठन के अनुसार, सरकार ने इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय देने के लिए अगले दिन दोपहर तक का समय मांगा है. हालांकि, तीसरी मांग पर सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया मिली, इसकी विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई.
सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद खत्म किया अनशन
इसी बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों से जारी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है. CJP का कहना है कि सरकार की ओर से मिले आश्वासनों और बातचीत की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया. संगठन ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है.
देशभर में प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान
CJP ने कहा कि आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है. संगठन ने 24 जुलाई को देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वान किया है. दिल्ली, मुंबई, पटना समेत कई शहरों में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं और अब आंदोलन का मुख्य केंद्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा बन गया है.
संसद मार्च के दौरान हुई थी झड़प
20 जुलाई को आयोजित "संसद चलो" मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच झड़प हुई थी. CJP का दावा है कि इस दौरान कई छात्र घायल हुए, जबकि पुलिस के अनुसार कार्रवाई में 118 पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे.
विपक्ष का भी मिला समर्थन
आंदोलन को विपक्षी दलों का भी समर्थन मिला है. राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत कई नेता प्रदर्शन स्थल पहुंचे. वहीं आंदोलन को राजनीतिक रंग देने के आरोपों को सोनम वांगचुक की पत्नी ने खारिज करते हुए कहा कि यह छात्रों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है.