Jamshedpur: जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेमोरियल (MGM) अस्पताल में लंबे समय से लंबित विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए शुक्रवार को जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त करेंगे, जिसमें अस्पताल अधीक्षक, एमजीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में अस्पताल की मौजूदा व्यवस्थाओं की समीक्षा के साथ मरीजों और कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी।
पेयजल समस्या को लेकर तैयार हो रहा स्थायी प्लान
बैठक का सबसे अहम मुद्दा अस्पताल में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या का समाधान होगा। प्रशासन की कोशिश है कि मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों को नियमित रूप से साफ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। इसके लिए अस्पताल की प्रत्येक मंजिल पर बड़े क्षमता वाले आरओ वाटर प्यूरीफायर लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। योजना के अनुसार हर फ्लोर पर दो-दो आरओ मशीनें लगाने की तैयारी है, जिससे अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को काफी राहत मिल सकती है।
प्रशासनिक मंजूरी के बाद शुरू होंगे विकास कार्य
समीक्षा बैठक में अस्पताल की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने से जुड़े कई प्रस्ताव रखे जाएंगे। प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद इन योजनाओं पर जल्द काम शुरू होने की संभावना है। अस्पताल में सुविधाओं के विस्तार, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने को लेकर भी बैठक में चर्चा होगी।
सरकार से मिला करोड़ों का फंड, मजबूत हुई वित्तीय स्थिति
एमजीएम अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के लिए राज्य सरकार की ओर से हाल ही में बड़ी राशि आवंटित की गई है। जानकारी के अनुसार, अस्पताल के लिए करीब 17.76 करोड़ रुपये और मेडिकल कॉलेज के लिए लगभग 3.5 करोड़ रुपये का फंड उपलब्ध कराया गया है। यह राशि फरवरी 2027 तक आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन भुगतान समेत अन्य जरूरी खर्चों के लिए इस्तेमाल की जाएगी। फंड मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन को लंबित योजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पुराने 46 RO खराब, नए उपकरण खरीदने की तैयारी
इससे पहले गुरुवार को एमजीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार ने अस्पताल अधीक्षक डॉ. बलराम झा और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर विकास योजनाओं की समीक्षा की थी। वहीं, भवन निर्माण कंपनी एल एंड टी द्वारा पूर्व में लगाए गए 46 आरओ मशीनों की स्थिति जांचने के लिए तकनीकी टीम अस्पताल पहुंची थी। जांच के दौरान कोई भी आरओ मशीन मरम्मत योग्य नहीं पाई गई। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने अब नए बड़े क्षमता वाले आरओ वाटर प्यूरीफायर खरीदने की योजना बनाई है। प्रारंभिक तौर पर कम से कम 16 नए आरओ लगाने की तैयारी की जा रही है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि एमजीएम में सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए चरणबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। पेयजल, संसाधन और आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।