Kolhan Development Initiative: कोल्हान क्षेत्र में शिक्षा, कौशल विकास और सामुदायिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए टाटा स्टील फाउंडेशन और जमशेदपुर कंटीन्यूअस एनीलिंग एंड प्रोसेसिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (जेसीएपीसीपीएल) ने तीन वर्षों के लिए साझेदारी की है. इस समझौते के तहत पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में स्थानीय जरूरतों के अनुसार कई विकास कार्यक्रम चलाए जाएंगे. इसका उद्देश्य लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना और समावेशी विकास को बढ़ावा देना है.
स्थानीय जरूरतों के अनुसार चलेंगे विकास कार्यक्रम
इस साझेदारी के तहत दोनों संस्थाएं मिलकर ऐसे क्षेत्रों की पहचान करेंगी, जहां शिक्षा, रोजगार, आदिवासी पहचान, खेल, दिव्यांग समावेशन और सामुदायिक विकास से जुड़े प्रयासों की जरूरत है. इन योजनाओं को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार लागू किया जाएगा, ताकि उनका लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच सके और लंबे समय तक सकारात्मक असर दिखाई दे.
शिक्षा और युवाओं पर रहेगा खास फोकस
वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस पहल के तहत मस्ती की पाठशाला, सबल सेंटर जमशेदपुर, प्रोजेक्ट समृद्धि, ज्योति स्कॉलरशिप, गोल्फ प्रोजेक्ट, सबल ज्ञानोदय और आईटीआई चांडिल के विद्यार्थियों के लिए प्रायोजन सहायता जैसे कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे. इसके अलावा आसपास के गांवों और समुदायों के विकास से जुड़े अन्य कार्य भी इस साझेदारी का हिस्सा होंगे.
साझेदारी से सतत विकास को मिलेगी मजबूती
समझौते पर जेसीएपीसीपीएल के प्रबंध निदेशक कपिल मोदी और टाटा स्टील फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सौरव रॉय ने हस्ताक्षर किए. इस दौरान दोनों संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. कपिल मोदी ने कहा कि यह साझेदारी कंपनी की सीएसआर प्रतिबद्धता को मजबूत करेगी और शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका व पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करेगी. वहीं सौरव रॉय ने कहा कि यह पहल कोल्हान क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है और इससे स्थानीय समुदायों के समावेशी व सतत विकास को नई दिशा मिलेगी. फिलहाल दोनों संस्थाएं तय कार्यक्रमों को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी में जुटी हैं.