Bihar Supplementary Budget: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत वित्तीय एजेंडे के साथ हुई. पहले ही दिन राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 87,383.43 करोड़ रुपये का प्रथम अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा. सरकार का कहना है कि इस अतिरिक्त राशि का इस्तेमाल विकास कार्यों की रफ्तार बनाए रखने, सरकारी योजनाओं के लिए समय पर धन उपलब्ध कराने और कर्मचारियों से जुड़े वित्तीय दायित्वों को पूरा करने में किया जाएगा.
विकास परियोजनाओं को मिलेगी अतिरिक्त वित्तीय ताकत
सदन में उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने अतिरिक्त व्यय का विवरण पेश किया. अनुपूरक बजट में विकास योजनाओं के लिए 57,077.96 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसमें 32,707.24 करोड़ रुपये केंद्र प्रायोजित योजनाओं और 24,370.72 करोड़ रुपये राज्य सरकार की योजनाओं के संचालन पर खर्च किए जाएंगे. सरकार का मानना है कि इससे आधारभूत ढांचे के विस्तार, सामाजिक क्षेत्र और जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रमों की रफ्तार बनी रहेगी.
वेतन, पेंशन और नियमित खर्च के लिए भी बड़ा आवंटन
अनुपूरक बजट का बड़ा हिस्सा कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और अन्य नियमित वित्तीय दायित्वों के लिए भी निर्धारित किया गया है. स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्ययों के मद में 30,265.99 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं के लिए 39.48 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं, ताकि संबंधित परियोजनाओं के संचालन में वित्तीय बाधा न आए.
अतिरिक्त व्यय को सदन की मंजूरी के लिए रखा गया प्रस्ताव
राज्य सरकार ने यह अनुपूरक बजट भारतीय संविधान के अनुच्छेद-205 के तहत विधानसभा में पेश किया है. सरकार के अनुसार, विभिन्न विभागों की अतिरिक्त वित्तीय जरूरतों को पूरा करने, केंद्र और राज्य की साझा योजनाओं के क्रियान्वयन को गति देने तथा विकास कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है. अब इस अतिरिक्त व्यय पर सदन की स्वीकृति मिलने के बाद संबंधित विभागों को जरूरत के अनुसार राशि उपलब्ध कराई जाएगी.