Ranchi News : बोकारो के चास प्रखंड स्थित तेतुलिया गांव में 103 एकड़ जमीन पर कथित अवैध कब्जे के मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने व्यवसायी पुनीत कुमार अग्रवाल को अंतरिम राहत दी है। न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की अदालत ने निचली अदालत में चल रहे ट्रायल पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। साथ ही राज्य सरकार को मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
पुनीत कुमार अग्रवाल ने निचली अदालत द्वारा आरोप गठन के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने ट्रायल पर फिलहाल रोक लगाने का आदेश दिया।
सीआईडी जांच में फर्जी दस्तावेजों से जमाबंदी का आरोप
यह मामला सीआईडी से जुड़ा है। आरोप है कि वर्ष 2012 में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 103 एकड़ जमीन की कथित रूप से गलत तरीके से जमाबंदी कराई गई थी। इस मामले में निचली अदालत आरोप तय कर चुकी है।
कई अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
सीआईडी जांच में जमाबंदी करने वाले तत्कालीन अंचल अधिकारी की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद उन्हें सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। जांच में तत्कालीन एसडीओ, भूमि सुधार उप समाहर्ता, अंचल निरीक्षक, राजस्व कर्मचारी और अमीन की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं।
जांच के अनुसार सतनपुर और तेतुलिया की पहाड़ी एवं वन भूमि सरकार ने बोकारो इस्पात संयंत्र (BSL) को आवंटित की थी। हालांकि संयंत्र द्वारा इस जमीन का उपयोग नहीं किए जाने के कारण यह लंबे समय तक खाली पड़ी रही। वर्ष 1980 से 2013 के सर्वेक्षण के बीच इस जमीन पर किसी ने दावा नहीं किया, लेकिन वर्ष 2012 में कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमाबंदी कर दी गई। मामला सामने आने के बाद सरकार ने जांच शुरू कर कार्रवाई की थी।