दोनों मरीज पहले से गंभीर बीमारियों से थे जूझ रहे
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पहला मामला कडपा जिले के राजमपेट निवासी 60 वर्षीय व्यक्ति का है, जिनकी 28 जून को इलाज के दौरान मौत हुई. उन्हें पहले तिरुपति के एसवीआईएमएस अस्पताल और बाद में वेल्लोर के सीएमसी अस्पताल रेफर किया गया था. वह पहले से डायबिटीज और किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित थे. मौत के बाद हुई आरटी-पीसीआर जांच में उनके कोविड संक्रमित होने की पुष्टि हुई. दूसरा मामला कडपा शहर के 46 वर्षीय व्यक्ति का है, जिनकी 7 जुलाई को सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. अस्पताल के अनुसार उनके फेफड़ों में गंभीर संक्रमण और निमोनिया के लक्षण मिले थे.
स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी, सैंपल जांच के लिए भेजे
स्वास्थ्य सचिव एस. सुरेश कुमार ने बताया कि कडपा में पांच संक्रमितों की पहचान हुई थी, जबकि तीन अन्य उनके संपर्क में आए लोग हैं. सभी मरीजों को होम आइसोलेशन या विशेष कोविड वार्ड में रखकर निगरानी की जा रही है. संभावित नए सब-वेरिएंट की जांच के लिए मृतकों और अन्य संक्रमितों के सैंपल पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजे गए हैं. शुरुआती समीक्षा के बाद विशेषज्ञ समिति ने किसी नए खतरनाक वेरिएंट के फैलने की आशंका से इनकार किया है
पड़ोसी राज्यों में भी सतर्कता, लोगों से सावधानी बरतने की अपील
आंध्र प्रदेश में सामने आए मामलों के बाद ओडिशा ने सीमावर्ती जिलों में निगरानी और टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. वहीं तमिलनाडु सरकार ने कहा है कि राज्य में किसी गंभीर स्ट्रेन के फैलने के प्रमाण नहीं मिले हैं और हालात सामान्य हैं. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है. बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. अधिकारियों के मुताबिक पिछले छह दिनों में कोई नया मामला सामने नहीं आया है और फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.