Jharkhand Monsoon News: झारखंड में एक बार फिर मानसून रफ्तार पकड़ने लगा है. मौसम विभाग ने 18 जुलाई तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी जारी की है. बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण अगले 24 घंटे में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिसका असर पूरे राज्य में देखने को मिलेगा.
कई जिलों में भारी बारिश की संभावना
मौसम केंद्र रांची के अनुसार 14 जुलाई को देवघर, जामताड़ा, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला-खरसावां में भारी बारिश हो सकती है. इस दौरान पूरे राज्य में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने और वज्रपात की भी आशंका है.
15 जुलाई को रांची, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला-खरसावां में भारी बारिश का पूर्वानुमान है. 16 जुलाई को पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला-खरसावां में बारिश का असर अधिक रहेगा.
17 जुलाई को खूंटी, गुमला, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला-खरसावां में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं 18 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन राज्यभर में गरज के साथ बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की आशंका बनी रहेगी.
खराब मौसम में सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है. किसानों और आम लोगों से भी मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने की अपील की गई है.
रामगढ़ में सबसे ज्यादा बारिश, जमशेदपुर सबसे गर्म
पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. सबसे अधिक 80.5 मिलीमीटर वर्षा रामगढ़ में रिकॉर्ड की गई. वहीं अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस के साथ जमशेदपुर राज्य का सबसे गर्म शहर रहा. रांची के नामकुम में न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
सामान्य से 41 प्रतिशत कम हुई बारिश
बारिश का दौर शुरू होने के बावजूद झारखंड में मानसून अब भी सामान्य से पीछे चल रहा है. 1 जून से 14 जुलाई तक राज्य में 193.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य तौर पर 326 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी. यानी अब तक राज्य में 41 प्रतिशत कम वर्षा हुई है. जिलों की बात करें तो गढ़वा में सबसे अधिक 79 प्रतिशत और चतरा में 68 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है. मौसम विभाग का मानना है कि इस सप्ताह होने वाली बारिश से वर्षा की कमी में कुछ हद तक सुधार हो सकता है.